
जोधपुर के एमडीएम अस्पताल एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जिसमें चौथी मंजिल से मरीज गिरा और दो घंटे तक उसकी लाश यूं ही पड़ी रही। अब इस मौत पर संदेह बना हुआ हैं कि यह हत्या हैं या आत्महत्या। शेरगढ़ निवासी 24 साल का यह मरीज पांव फिसलने के कारण नीचे गिरा या आत्महत्या के इरादे से कूदा, इस बारे में पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारी भी अभी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। उनका कहना है कि अगर वह सुसाइड के इरादे से कूदता तो फिर अस्पताल के बाहरी हिस्से में कूदता। सीढ़ियों के पास से कूदने की बात समझ नहीं आ रही है। फिलहाल उसका शव मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों को सूचित किया गया है।

मृतक का नाम मग सिंह है। वह शेरगढ़ का रहने वाला था। कुछ दिन से एमडीएम अस्पताल में डॉ। इन्दु थानवी के वार्ड में भर्ती था। सांस लेने में तकलीफ के साथ वह डिप्रेशन की समस्या से ग्रस्त था। शुक्रवार सुबह वह अपने बेड पर नहीं था। उसके पड़ोसी मरीज का कहना है कि 6 बजे तक मग सिंह यहीं पर था। इसके बाद उठ कर बाहर गया, तो वापस लौट कर नहीं आया। वार्ड में तैनात नर्सिंग कर्मियों ने सोचा कि शायद चाय पीने चला गया होगा। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर उन्होंने खोजबीन शुरू की।चौथी मंजिल से नीचे उतरने पर सीढ़ियों के पास मग सिंह का शव पड़ा मिला। गनीमत यह रही कि मग सिंह सुबह जल्दी नीचे गिरा। उस समय तक वहां लोग नहीं थे। अन्यथा किसी के ऊपर गिरने से दूसरे को भी चोट लग सकती थी। मग सिंह सीढ़ियों से उतरते समय पांव फिसलने के कारण नीचे गिरा या फिर उसने कूदकर अपनी जान दी। इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।














