
देश में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। ऐसे में हरिद्वार में हो रहे कुंभ मेले में पहुंचे लाखों की भीड़ कोरोना सुपर स्प्रेडर बन सकती है। मेला प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस समय हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र में करीब 1.5 लाख लोग मौजूद हैं। लेकिन, प्रशासन के मुताबिक, 14 अप्रैल को शाही स्नान के दिन भीड़ 20 से 25 लाख तक पहुंच सकती है। स्थानीय प्रशासन खुद मान रहा है कि मेले में दो गज दूरी और मास्क जैसे कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाना मुश्किल हो रहा है। शाही स्नान के दौरान यह लगभग नामुमिकन होगा। ऐसे में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैल सकता है। अधिकारी सुपर स्प्रेडर जैसी बातों को मान रहें हैं, लेकिन इसको रोकने की इनके पास कोई योजना नहीं है।

कुंभ मेले में भीड़ बढ़ने के साथ सोशल मीडिया पर यह बहस भी तेज होती जा रही है कि पिछले साल दिल्ली में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में महज 2,000 लोगों के जमावड़े को सुपर स्प्रेडर बताया गया था, लेकिन कुंभ को लेकर खामोशी है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्य हिमाल अख्तर कहते हैं कि कि पिछली बार तब्लीगी जमात पर कोरोना फैलाने का जो आरोप मढ़ा गया था, वह गलत था। वहां, लोग कोरोना बढ़ने से पहले ही आ चुके थे। अचानक आवाजाही रुकने और पहले का कोई अनुभव न होने की वजह से लोग इधर-उधर भागे। लेकिन इस बार तो अनुभव भी है। कुंभ में बेहिसाब भीड़ जुट रही है, क्या कोरोना वहां नहीं पहुंचेगा? क्या कुंभ के बाद लोग अलग-अलग राज्यों में नहीं जाएंगे? क्या तब्लीगी जमात ही कोरोना स्प्रेडर थी? आपको बता दे, पिछले 24 घंटों मे उत्तराखंड में संक्रमण के 1,334 मामले आए हैं और 7 मौतें हुई हैं। फिलहाल प्रदेश में कोरोना के 7,846 एक्टिव केस हैं।














