
साल 2018 में एक हादसा हुए था जिसमें एक परिवार फॉर्च्यूनर कार में जा रहा था। इस हादसे में गाडी के एयरबैग नहीं खुलने से चालक और अन्य लोगों को चोट आई थी। इसके बाबत राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग ने दिल्ली निवासी परिवादी की याचिका पर सुनवाई करते हुए टोयोटा कंपनी को दोषी माना हैं और कंपनी पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही परिवाद खर्च के 25 हजार रुपए अलग से देने के आदेश दिए हैं जो कि एक महीने में ही देने होंगे। साथ ही आदेश दिए कि अगर कंपनी एक महीने में यह रकम अदा नहीं करती तो 9 फीसदी ब्याज दर से हर्जाना वसूल किया जाएगा।
राज्य उपभोक्ता आयोग के न्यायिक सदस्य एस।के। जैन और सदस्य रामफूल गुर्जर ने आज यह फैसला सुनाया। सदस्य रामफूल गुर्जर ने बताया कि दिल्ली निवासी परिवादी उपेंद्र नवहाल ने 2012 में फॉर्च्यूनर खरीदी थी। एक जनवरी 2018 को वे परिवार सहित जयपुर से बीकानेर जा रहा थे। इस बीच सीकर के पास कार का एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में कार के एयरबैग नहीं खुले, जिससे चालक और उसके साथ बैठे परिवार के सदस्य को चोटें आईं। इसके बाद उपेन्द्र ने अक्टूबर 2018 को राज्य उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज करवाया। आयोग ने एयर बैग नहीं खुलने को गंभीर मानते हुए दोष प्रमाणित माना। इस पर कंपनी के ऊपर क्षतिपूर्ति के हर्जाने के तौर पर 5 लाख रुपए देने की बात कही है।














