• Hindi News/
  • News/
  • News Child Death In School In Churu Rajasthan 181462

राजस्थान : होमवर्क न करने की इतनी बड़ी सजा? टीचर ने बेरहमी से पीटा और हो गई मौत, पिता बोला काश स्कूल नहीं भेजता

By: Ankur Thu, 21 Oct 2021 09:07 AM

राजस्थान : होमवर्क न करने की इतनी बड़ी सजा? टीचर ने बेरहमी से पीटा और हो गई मौत, पिता बोला काश स्कूल नहीं भेजता

राजस्थान के चूरू से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जिसके बारे में जान सभी हैरान हैं। यहां 7th क्लास में पढ़ने वाले एक बच्चे को होमवर्क न करने की इतनी बड़ी सजा मिली कि जिसके बारे में कोई सोच भी नहीं सकता हैं। मामला गांव सालासर थाना क्षेत्र के कोलासर का हैं जहां होमवर्क न करने पर टीचर ने बच्चे को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत हो गई। मृतक गणेश के माता-पिता, बड़ा भाई और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। स्कूल में पढ़ने वाले दूसरे बच्चों के माता-पिता भी डरे हुए हैं। गणेश के हंसमुख स्वभाव और नटखट भरी शरारतों को याद करके परिवार रोता जा रहा हैं।

टीचर ने उसे जमीन पर पटक-पटकर लात-घूसों से इतना मारा कि उसके नाक से खून बहने लगा। बच्चा बेहोश हो गया। कुछ देर तक होश नहीं आने पर आरोपी टीचर ही उसे अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के पिता की शिकायत पर आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिता ने रोते हुए कहा कि 13 साल के मेरे बच्चे को टीचर ने बड़ी बेरहमी से मारा। बच्चे के आंख, मुंह, सिर पर चोट के निशान थे। होमवर्क न करने की ऐसी सजा, न कभी देखी ना सुनीं। पिता ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। मगर बच्चों को पढ़ा-लिखाकर कुछ बनाना चाहता था। मगर स्कूल भेजने की सजा बेटे की मौत से मिल गई। शिक्षा मंत्री ने जांच पूरी होने तक स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए अधिकारी को निर्देश दिए हैं।

पिता ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि बेटे गणेश को लहूलुहान हालत में देखकर कांप गया। बांहों में लेकर उसे कलेजे से लगाया। मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रोते-रोते पिता ने कहा कि मेरा हंसता खेलता बच्चा ऐसे जुदा हो जाएगा, सोचा नहीं था। सुबह उसकी मां राजू देवी ने उसे तैयार करके स्कूल भेजा था। साथ में लंच बॉक्स भी दिया था और कहा था पूरा खाना खाकर आना। पिता ने कहा कि उसकी मां बार-बार गणेश को लेकर आने को कह रही है। उसके भाई-बहन उसकी याद में रोते जा रहे है।

पिता बोला- काश स्कूल नहीं भेजता

पिता ओमप्रकाश ने बताया कि मॉर्डन पब्लिक स्कूल में आरटीआई में बेटे का एडमिशन करवाया था। कोरोना के कारण स्कूल बंद थे। एक महीने से ही स्कूल खुलने पर गणेश ने जाना शुरू किया था। बड़ा बेटा विनोद ने भी कक्षा छह तक इस स्कूल में पढ़ाई की थी। इसके बाद गांव की सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने लगा था। पिता ने कहा कि काश छोटे बेटे का भी स्कूल बदलवा देता तो,बेटा आज साथ होता। शिक्षा मंत्री ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन lifeberrys हिंदी की वेबसाइट पर। जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश से जुड़ीNews in Hindi
|

Home | About | Contact | Disclaimer| Privacy Policy

| | |

Copyright © 2022 lifeberrys.com