
प्रदेश में सांवलियाजी का मंदिर हैं जो विशेष महत्व रखता हैं और भक्तों का दर्शन के लिए तांता लगा रहता हैं। सांवलियाजी के भण्डार में भक्त दिल खोलकर दान करते हैं। सांवलियाजी में पूर्णिमा पर भगवान के भंडार की दान राशि की गणना शुरू की गई थी जो कि शुक्रवार को भी जारी रही और अबतक 7 करोड़ 19 लाख 1300 रुपए भंडार से भेंट राशि की गणना हाे चुकी है। पहले मुख्य दिन 4 करोड़ 74 लाख 42 हजार रुपए, दूसरे दिन 59 लाख 80 हजार रुपए, तीसरे दिन 44 लाख 65 हजार 300 रुपए की गणना की जा चुकी है। करीब 2 पेटी नोट व सिक्काें की गणना एवं सोने चांदी का वजन करना शेष है।
राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल सदस्य भैरूलाल सोनी, लेखा अधिकारी विकास कुमार सुरेला, प्रशासनिक अधिकारी कैलाशचंद्र दाधीच, कैशियर नंदकिशोर टेलर, प्रभारी राजेंद्र शर्मा, गाेशाला प्रभारी कालूलाल तेली तथा संस्थापन प्रभारी लहरी लाल धनगर के सानिध्य में मंदिर कर्मियों ने शुक्रवार को बाकी राशि में से एक करोड़ 40 लाख 14 हजार रुपए की गणना की। मंदिर के संविदा कर्मी भी गणना में शामिल हुए। जिससे अधिक नोटों की गणना हो पाई।














