दीवाली से पहले गैस चैंबर बनी राजधानी, डॉक्टर बोले- 'सजा-ए-मौत' के बराबर है यहां सांस लेना

By: Pinki Mon, 05 Nov 2018 1:37 PM

दीवाली से पहले गैस चैंबर बनी राजधानी, डॉक्टर बोले- 'सजा-ए-मौत' के बराबर है यहां सांस लेना

दिवाली (दीवाली/ दीपावली) में अभी दो दिन हैं, मगर दिल्ली अभी से ही गैस चैंबर बन गई है। राजधानी में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है और विजिबिलिटी भी बेहद कम है। कई लोगों ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की है, वहीं कुछ ने आंखों में जलन होने की बात भी कही। लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 और पीएम 10 का प्रतिशत खराब स्तर पर दर्ज किया गया है। पूरा दिल्ली-एनसीआर स्मॉग की चपेट में है और लोगों को सुबह-सुबह सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दिल्ली में कई जगहों पर हवा की क्वॉलिटी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि तापमान गिरने के चलते लोगों का हल्की ठंड का अहसास भी होने लगा है।

कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते राजधानी में मौसम ठंडा हो गया है। कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 का स्तर दक्षिण दिल्ली के ओखला निगरानी स्टेशन पर आज सुबह 644 था, जो गंभीर स्थिति की कैटेगरी में आता है। यानी दिल्ली में वायु प्रदूषण, सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक है। बता दें कि पीएम 2.5 बारिक कण होते हैं, जो फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन रोगों का कारण बन सकते हैं। दिल्ली-NCR में खतरनाक स्तर पर प्रदूषण पहुंच चुका है। मंदिर मार्ग पर एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 707, मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम पर 676 और जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम पर 681 हुआ। वहीं, लोधी रोज इलाके में खराब स्थिति में है। बता दें कि यह हवा का बहुत खतरानक स्तर है।

प्रदूषण को रोकने के लिए प्रयास जारी

दिल्ली में अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई प्रयास किये हैं जिसमें निर्माण कार्य को रोकने समेत यातायात संबंधी गतिविधियों पर नियंत्रण लगाना शामिल है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने यातायात विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 1-10 नवंबर के बीच प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच करें और यातायात की भीड़ को नियंत्रित करें।

प्रदूषण गतिविधियों की निगरानी रखने, तत्काल कार्रवाई करने के लिए 1-10 नवंबर तक ‘क्लीन एयर कैंपेन’ चलाया जा रहा है। रविवार को टीमों ने कुल 83,55,000 रुपये का कुल जुर्माना वसूला। दिल्ली-एनसीआर में इस अभियान के तहत शुक्रवार और शनिवार को नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 80 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया था।

10 लाख से अधिक लोगों स्मॉग से होती है मौत


वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, भारत में हर साल स्मॉग से 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है और दुनिया के किसी भी बड़े शहर की तुलना में दिल्ली की हवा बेहद जहरीली है। हर साल नवंबर में यहां अस्पतालों में सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर कई मरीज पहुंचते हैं। यहां के सर गंगाराम अस्पताल में लंग की सर्जरी करा चुके एक मरीज के सर्वाइवल पर चिंता जाहिर करते हुए डॉक्टर श्रीनिवास के गोपीनाथ कहते हैं कि दिल्ली की हवा में सांस लेना उसके 'सजा-ए-मौत' के समान है।

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