महाराष्ट्र की राजनीति में मुग़ल शासक औरंगजेब को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। समाजवादी पार्टी के विधायक अबु असीम आजमी को विधानसभा के बजट सत्र तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब आजमी ने औरंगजेब के समर्थन में विवादित बयान दिया था। इसके बाद से उनका विरोध शुरू हो गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई। शिवसेना प्रमुख और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अबु आजमी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की थी। शिवसेना अब आजमी के निलंबन को लेकर भी सख्त थी। इस पूरे मामले पर अबु आजमी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अबु आजमी का बयान:
अबु आजमी ने कहा, "मैंने जो कुछ कहा, उसमें कोई गलत बात नहीं थी। असेंबली चले, इसीलिए मैंने अपनी कही हुई बातों को वापस लेने की बात की थी। बावजूद इसके जो बवंडर मचाया गया और जो असेंबली को रोका जा रहा है, वह मुझे समझ में नहीं आ रहा है। असेंबली चले, बजट सत्र में काम हो, यही मेरी इच्छा है। पिछले तीन साल से कॉर्पोरेट चुनाव हो चुके हैं। मैंने असेंबली के बाहर जो कहा, उसे वापस लेने तक की बात कह दी थी। लेकिन फिर भी मुझे निलंबित कर दिया गया।"
पार्टी और विधान सभा की स्थिति:
महाराष्ट्र विधानसभा ने समाजवादी पार्टी के विधायक अबु असीम आजमी को मौजूदा बजट सत्र खत्म होने तक निलंबित कर दिया है। आजमी समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हैं और मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं।
#WATCH | Suspended Maharashtra SP MLA Abu Azmi says, "To ensure that the House functions, I spoke about withdrawing my statement. I did not say anything wrong. Still, there is a controversy and proceedings of the House are being stalled. To ensure that the House functions and… pic.twitter.com/nXhyr22RcJ
— ANI (@ANI) March 5, 2025
अबु आजमी के बयान पर मचा बवाल
बीते सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायक अबु असीम आजमी ने एक विवादित बयान दिया था, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। आजमी ने कहा था, "गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए थे। वह कोई क्रूर शासक नहीं थे। बनारस में जब एक पंडित की बच्ची के साथ उसके सिपाही ने बदतमीजी करने की कोशिश की तो औरंगजेब ने उस सिपाही को दो हाथियों के बीच बांधकर मरवा डाला। बाद में उन पंडितों ने औरंगजेब के लिए मस्जिद बनाकर भेंट की। वह एक अच्छे प्रशासक थे और जो उन्होंने किया, वह सही था। अगर कोई और राजा होता तो वह भी वही करता।"
आजमी ने आगे कहा, "औरंगजेब के शासन काल में भारत की जीडीपी 24% थी और देश 'सोने की चिड़ीया' कहलाता था। औरंगजेब ने कई मंदिर भी बनवाए थे, और इतिहास में कई चीजें गलत तरीके से बताई गई हैं।"
आजमी के इस बयान पर जहां कुछ लोगों ने उनका समर्थन किया, वहीं कई नेता और संगठन उनके खिलाफ खड़े हो गए।