
कोरोना के इस समय में शादी में शामिल होने वाले लोगों के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं जिस कारण बारात में वह धूम नहीं दिखाई दे रही हैं। शुक्रवार को जिले के खिंवाड़ा कस्बे में बारात का एक अनोखा नजारा देखने को मिला जहां कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक बारात मेवी कला गांव से बिना बैंड-बाजे के साथ निकली। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि बाराती बैल-ऊंटगाड़ी पर बारात लेकर खिंवाड़ा पहुंचे। बारात में पांच बैलगाड़ी, 11 ऊंट व घोड़े शामिल थे। बारात को लेकर बैल गाड़ी व ऊंट गाड़ी को सजाया गया। दूल्हे के परिवार ने सरकारी गाइड लाइन की पालना करते हुए बैलगाड़ी में दो-दो बारातियों को मास्क लगाकर व सोशल डिस्टेंस के साथ बिठाया। बारात को रास्ते में लोग देखते नजर आए।
क्षत्रिय युवक संघ के ओंकार सिंह सोलंकी ने बताया की मेवी कला निवासी चैल सिंह के पुत्र हर्षवीर सिंह की शादी खिंवाड़ा निवासी महेंद्र सिंह उदावत की पुत्री रीनू उदावत के साथ होनी थी। विवाह को लेकर खिंवाड़ा से सात किलोमीटर दूर मेवी कला से शुक्रवार शाम 4 बजे बारात रवाना हुई जो जो करीब 2 घंटे में मुख्य मार्गों से होकर खिंवाड़ा पहुंची।














