भाजपा से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। लंबे समय तक भाजपा के प्रवक्ता रहे पूनावाला ने कहा है कि राहुल गांधी कभी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस की ओर से रायबरेली सांसद को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किए जाने की बात कही गई है।
पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए राहुल गांधी को लेकर अपनी राय जाहिर की। उन्होंने लिखा, "जब तक मैं जिंदा हूं। राहुल गांधी कभी भी भारत के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।" इससे पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "तरीका बदला है मकसद नहीं।" उनके बयान को राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रति उनके रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।
कांग्रेस में वापसी पर भी रखी थी शर्त
भाजपा से अलग होने के बाद शहजाद पूनावाला के कांग्रेस में लौटने की अटकलों को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, एनडीटीवी को दिए एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा था कि वह कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने इस संबंध में एक शर्त भी रखी थी।
पूनावाला ने कहा था कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को पार्टी से हटा दिया जाए और नेहरू के कामों के लिए माफी मांगी जाए, तभी वह कांग्रेस में शामिल होने पर विचार करेंगे। शहजाद पूनावाला वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।
आर्थिक परिस्थितियों को बताया इस्तीफे की वजह
शहजाद पूनावाला ने भाजपा से इस्तीफा देने के पीछे अपनी आर्थिक और निजी परिस्थितियों का हवाला दिया है। उन्होंने बातचीत में कहा था कि राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं देते और उन्हें अपने व्यक्तिगत खर्चों की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि उन्हें घर का किराया देना होता है और मकान मालिक इस वजह से किराया माफ नहीं करेगा कि वह भाजपा से जुड़े हुए हैं। हालांकि, पूनावाला ने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी राजनीतिक दल से जुड़ना नौकरी नहीं है।
भाजपा को लेकर क्या कहा?
भाजपा छोड़ने के बावजूद पूनावाला ने पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन जारी रखने की बात कही थी। पार्टी को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा था कि जरूरी आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि जहां भी संभव होगा, वह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे।
अपने पत्र में पूनावाला ने इस्तीफा भाजपा और नितिन नवीन को भेजे जाने की बात कही थी और इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया था।
अपने राजनीतिक सफर का भी किया जिक्र
पूनावाला ने अपने इस्तीफे में अपने राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा था कि किसी अन्य देश और किसी अन्य राजनीतिक दल में उनके जैसी कहानी संभव नहीं होती। उन्होंने खुद को युवा, पसमांदा मुस्लिम और गैर-वंशवादी पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति बताया था।
भाजपा छोड़ने के बाद राहुल गांधी को लेकर दिया गया उनका ताजा बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह लंबे समय तक भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर कांग्रेस और गांधी परिवार पर मुखर रुख रखते रहे हैं। अब पार्टी से अलग होने के बाद भी राहुल गांधी को लेकर उनकी राजनीतिक टिप्पणी सामने आई है।














