
रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM 2025) में कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने निवेशकों को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि जियो का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) अगले साल की पहली छमाही तक लाया जाएगा। इसका मतलब है कि Jio का बहुप्रतीक्षित IPO साल 2026 में निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा।
जियो आईपीओ की तैयारी
मुकेश अंबानी ने AGM में कहा कि कंपनी अगले साल तक पेपर्स फाइल करने की दिशा में पूरी तरह सक्रिय है। सभी रेग्युलेटरी मंजूरियां मिलने के बाद जियो का इश्यू वित्त वर्ष 2027 में मार्केट में आ जाएगा। अंबानी ने विश्वास जताया कि यह आईपीओ यह साबित करेगा कि जियो वैश्विक स्तर पर भी वैल्यू क्रिएट करने में सक्षम है और विश्व की दिग्गज कंपनियों के बराबरी में खड़ी हो सकती है।
50 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़े
अंबानी ने जियो की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि कंपनी ने अब 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। उनका कहना था कि जियो का मकसद हर भारतीय को मोबाइल कनेक्टिविटी और ब्रॉडबैंड सेवाओं से जोड़ना है।
कंपनी का फोकस सिर्फ मोबाइल डेटा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हर घर को स्मार्ट डिजिटल सॉल्यूशंस से लैस करने पर होगा। जियो स्मार्ट होम, JioTV+, Jio TV OS और एडवांस ऑटोमेशन जैसी सेवाओं के जरिए हर परिवार को डिजिटल अनुभव मिलेगा।
व्यापार और एंटरप्राइज के लिए भी जियो सुरक्षित, स्केलेबल और किफायती डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। अंबानी ने जोर देकर कहा कि जियो भारत में एआई (Artificial Intelligence) क्रांति का नेतृत्व करेगा और “AI for Everyone, Everywhere” का विज़न आगे बढ़ाएगा। साथ ही जियो जल्द ही अपने टेक्नोलॉजी समाधानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी ले जाएगा।
रिलायंस का वित्तीय प्रदर्शन
AGM में मुकेश अंबानी ने कंपनी की वित्तीय उपलब्धियों का भी ब्योरा दिया। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में रिलायंस ने 10,71,174 करोड़ रुपये (125.3 बिलियन डॉलर) का रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ रिलायंस भारत की पहली ऐसी कंपनी बन गई जिसने सालाना 125 बिलियन डॉलर का राजस्व पार किया।
कंपनी का EBITDA 1,83,422 करोड़ रुपये (21.5 बिलियन डॉलर) रहा, जबकि नेट प्रॉफिट बढ़कर 81,309 करोड़ रुपये (9.5 बिलियन डॉलर) तक पहुंच गया। निर्यात के मामले में भी रिलायंस ने शानदार प्रदर्शन किया और 2,83,719 करोड़ रुपये (33.2 बिलियन डॉलर) का निर्यात किया, जो भारत के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट का 7.6% हिस्सा है।














