केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI-A) के प्रमुख रामदास आठवले ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक बार फिर अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है। आठवले का कहना है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर आधारित राजनीतिक संगठन को मजबूत बनाने के लिए युवा नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपके अगर पार्टी में शामिल होने का फैसला करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। हालांकि, दीपके ने अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। मंगलवार को नागपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आठवले ने दीपके के राजनीतिक रुख और अपनी पार्टी में उनकी संभावित भूमिका को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि दीपके भी आंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े हैं और युवाओं की भागीदारी से बाबासाहेब आंबेडकर की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
रामदास आठवले ने क्यों दिया दीपके को ऑफर?
रामदास आठवले ने कहा कि उन्होंने पहले भी अभिजीत दीपके से अपनी पार्टी से जुड़ने की अपील की थी। उनके मुताबिक, बाबासाहेब आंबेडकर की राजनीतिक पार्टी को मजबूत बनाने के लिए युवा लोगों की जरूरत है। दीपके जैसे युवाओं के संगठन से जुड़ने पर पार्टी को मजबूती मिल सकती है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आठवले ने कहा, “दीपके भी एक आंबेडकरवादी हैं। मैंने उनसे कहा था कि बाबासाहेब की राजनीतिक पार्टी को मजबूत करने के लिए युवाओं की जरूरत है। अगर वे हमारे साथ जुड़ते हैं तो यह बहुत अच्छा होगा। अगर वो आते हैं, तो मैं उनका स्वागत करूंगा।” आठवले का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दीपके की अगुवाई वाला CJP युवाओं से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के लिए चर्चा में रहा है। केंद्रीय मंत्री इससे पहले भी दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर चुके हैं। इस बार भी उन्होंने अपने प्रस्ताव को दोहराते हुए कहा कि दीपके के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हैं।
अगस्त में भी दिया था RPI(A) में आने का ऑफर
रामदास आठवले ने पहली बार अगस्त 2026 में अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी से जुड़ने का न्योता दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि दीपके को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने और समाज को मजबूत बनाने के लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने पर विचार करना चाहिए। आठवले ने दीपके को युवा और सक्रिय आंबेडकरवादी बताते हुए कहा था कि उनके जैसे लोगों की भागीदारी से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) को मजबूती मिल सकती है। उनकी पार्टी केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।
अगस्त में दिए गए न्योते के बाद भी आठवले कई बार दीपके को लेकर बयान दे चुके हैं। एक ओर उन्होंने उन्हें अपने समाज और विचारधारा से जुड़ा हुआ बताया, वहीं दूसरी ओर CJP और उसके समर्थकों की कुछ गतिविधियों पर नाराजगी भी जताई। इसी महीने की शुरुआत में आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर दीपके को नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री के बारे में खराब भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
पहले न्योते पर अभिजीत दीपके ने क्या कहा था?
अगस्त में रामदास आठवले की ओर से RPI(A) में शामिल होने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने भाजपा के कुछ नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा था कि जब कुछ दिन पहले तक उन्हें राष्ट्रविरोधी बताया जा रहा था, तो अब उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता क्यों दिया जा रहा है।
दीपके ने अपने सोशल मीडिया संदेश में इसी विरोधाभास को उठाते हुए सवाल किया था कि क्या कुछ समय पहले तक वह उन नेताओं के लिए राष्ट्रविरोधी नहीं थे। उनका यह बयान आठवले के राजनीतिक प्रस्ताव पर उनकी प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया था।
हालांकि, दीपके की ओर से इस बार दिए गए ताजा न्योते को स्वीकार करने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। रामदास आठवले ने भी अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि दीपके ने अभी तक उनके प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई है।
चुनाव लड़ने के बजाय प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करना चाहता है CJP
अभिजीत दीपके पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल उनकी संस्था कॉकरोच जनता पार्टी का चुनाव लड़ने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा था कि उनका संगठन अभी एक प्रेशर ग्रुप यानी दबाव समूह के रूप में काम करेगा। दीपके के इस रुख का मतलब है कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय सार्वजनिक मुद्दों को उठाने और सरकार से जवाबदेही की मांग करने पर ध्यान देना चाहता है। संगठन की ओर से भविष्य में चुनाव लड़ने को लेकर कोई निर्णय लिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।














