
भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में उत्साह और सम्मान का माहौल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महान योगदान को याद किया। उन्होंने वहां पुष्पांजलि अर्पित कर भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक इस दिवस की शुरुआत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सरदार पटेल का योगदान न केवल देश के राजनीतिक एकीकरण में था, बल्कि उन्होंने भारत की प्रशासनिक और लोकतांत्रिक नींव को भी मजबूत किया।
एकता दिवस पर भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसमें देश की विभिन्न पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की टुकड़ियों ने भाग लिया। बीएसएफ, सीआरपीएफ और अन्य राज्य पुलिस बलों ने अपनी शानदार परेड और अनुशासन का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक नृत्य और प्रदर्शन भी शामिल थे, जो एकता में विविधता की भावना को उजागर करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकजुटता में है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपनाकर देश की एकता और विकास में योगदान दें।
गणतंत्र दिवस जैसी भव्यता में सजी परेड
इस वर्ष की एकता दिवस परेड ने अपनी भव्यता से सबका ध्यान खींचा। गणतंत्र दिवस परेड की तरह ही इस आयोजन में भी विभिन्न राज्यों की झांकियां और सुरक्षाबलों की आकर्षक प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। यह परेड न केवल देश की सुरक्षा ताकत को दर्शाती है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय भावना का भी प्रतीक बनी।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बलों ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" के संकल्प को दोहराया।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बना श्रद्धा और गर्व का प्रतीक
182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जो दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है, आज भारत की एकता, साहस और दृढ़ निश्चय का प्रतीक बन चुकी है। यहां हर साल हजारों लोग सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने आते हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित यह भव्य समारोह इस बात का प्रतीक है कि सरदार पटेल के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय थे। उनके योगदान और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को हमेशा एकता, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देते रहेंगे।














