
भारतीय राजनीति की चर्चित हस्ती और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने निर्दोष करार दिया। इस फैसले को उन्होंने सनातन धर्म की विजय बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ‘अब विधर्मियों का चेहरा बेनकाब हो गया है।’ साथ ही उन्होंने ‘हिंदूराष्ट्र’ की स्थापना के अपने संकल्प को भी दोहराया।
साध्वी प्रज्ञा और छह अन्य अभियुक्तों को 17 वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपों से मुक्त कर दिया। इनमें कर्नल श्रीकांत पुरोहित, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस और 'भगवा आतंकवाद' पर करारा हमला
निर्णय आने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, “भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद जैसे अपमानजनक शब्दों को गढ़ने वाली कांग्रेस और अन्य विधर्मियों को आज करारा जवाब मिला है। भगवा, हिंदुत्व और सनातन धर्म की इस ऐतिहासिक जीत पर सभी देशभक्तों और धर्मप्रेमियों को बधाई।” उन्होंने इसके साथ ही “जय हिंदूराष्ट्र, जय श्रीराम” का उद्घोष भी किया।
इससे पहले उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक भगवा ध्वज की तस्वीर साझा करते हुए लिखा – “भगवा चिर विजय ध्वज...” और उसमें ‘राष्ट्र जयघोष’ अंकित था। उनका यह पोस्ट हिंदुत्व की उनकी गहरी निष्ठा को एक बार फिर उजागर करता है, जिसमें वे अपने बचपन से ही रत रही हैं।
अदालत ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में 6 लोगों की जान चली गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। धमाका एक मस्जिद के पास खड़ी एक मोटरसाइकिल में लगाए गए विस्फोटक से हुआ था। उस बाइक का पंजीकरण साध्वी प्रज्ञा के नाम था, जिसके आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया था। हालांकि अदालत में यह साबित नहीं हो सका कि वह विस्फोट की साजिश में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल थीं।
अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी आधार पर उन्हें और बाकी अभियुक्तों को आरोपमुक्त कर दिया गया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
मालेगांव विस्फोट के बाद जिस तरह कांग्रेस के कुछ नेताओं ने 'हिंदू आतंकवाद' और 'भगवा आतंकवाद' जैसे विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल किया था, वह लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में विवाद का विषय बना रहा। अब जब अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया है, भाजपा कांग्रेस से माफी की मांग कर रही है और कह रही है कि जिन्होंने सनातनियों पर लांछन लगाया था, उन्हें सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करना चाहिए।














