प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए रियायती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत महाराष्ट्र के नासिक स्थित बफर स्टॉक से ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जा रहा है। इसकी पहली खेप में 800 मीट्रिक टन प्याज बुधवार को दिल्ली पहुंचेगा, जिसे 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है। दिल्ली के अलावा कांदा एक्सप्रेस के जरिए चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी तक भी प्याज भेजा जाएगा।
NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार पर 35 रुपये किलो बिक्री
दिल्ली पहुंचने वाली प्याज की खेप को NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। इसकी बिक्री 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर होगी।
इसके अलावा प्याज की बिक्री केवल तय दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। मोबाइल वैन और ट्रकों के जरिए भी इसे लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
बाजार में कितने बढ़े प्याज के दाम?
प्याज की कीमतों में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश में प्याज का औसत खुदरा भाव अब 43 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। एक साल पहले यह करीब 27 रुपये प्रति किलो था।
इसी तरह थोक बाजार में भी कीमत बढ़ी है। पिछले साल 21.23 रुपये प्रति किलो के मुकाबले मौजूदा थोक मूल्य 35.58 रुपये प्रति किलो बताया गया है।
नासिक के बफर स्टॉक से हो रही सप्लाई
कांदा एक्सप्रेस के लिए प्याज महाराष्ट्र के नासिक स्थित बफर स्टॉक से भेजा जा रहा है। सरकार बाजार में कीमतों को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए इस स्टॉक का इस्तेमाल कर रही है।
इस व्यवस्था के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में प्याज की रियायती दरों पर उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
देशभर में हजारों बिक्री केंद्र
प्याज उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए देशभर में मौजूद खुदरा नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जाएगा। NCCF के करीब 4,500 खुदरा बिक्री केंद्र हैं, जबकि दिल्ली-NCR में NAFED के 12 स्टोर हैं। केंद्रीय भंडार के देशभर में 114 स्टोर बताए गए हैं।
इसके साथ मोबाइल वैन और ट्रकों के जरिए भी बिक्री की जाएगी। सरकार इससे पहले 2024-25 में भी प्याज की आपूर्ति के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चला चुकी है।













