ग्वालियर की चर्चित ‘किसिंग कार’ का मामला अब राजनीतिक तंज का विषय बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कार पर लिपिस्टिक से हजारों किस के निशान लगाए जाने और पुलिस कार्रवाई की खबर को लेकर हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कार पर लिपिस्टिक के निशानों की जगह ‘राम रहीम’ का स्टीकर लगाया जाना चाहिए था।
दरअसल, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आदित्य सिकरवार नाम के युवक की कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कार की बॉडी पर लिपिस्टिक से बड़ी संख्या में किस के निशान बनाए गए थे। दावा किया गया कि कार पर करीब 3400 किस के निशान थे। वीडियो को एक दिन में 55 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा।
कार पर किस के निशान और पुलिस की कार्रवाई
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने आदित्य सिकरवार की कार के खिलाफ कार्रवाई की। संदर्भ सामग्री के अनुसार, स्टंट और तेज रफ्तार से जुड़े मामले में पुलिस ने 5,500 रुपये का चालान किया और कार से किस के निशान भी साफ करवाए।
इसी खबर को साझा करते हुए अभिजीत दीपके ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने टिप्पणी की, “इसकी बजाय राम रहीम का एक स्टीकर लगाना चाहिए था।”
राम रहीम की फरलो को लेकर विपक्ष का निशाना
दीपके की टिप्पणी का संदर्भ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को मिली फरलो से जुड़ा है। राम रहीम मंगलवार को हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल से 21 दिन की फरलो पर बाहर आया।
संदर्भ सामग्री के मुताबिक, अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 17वीं बार है जब राम रहीम जेल से बाहर आया है। वह अपने दो अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है।
इस साल तीसरी बार जेल से बाहर आया राम रहीम
इस साल राम रहीम को इससे पहले जनवरी में 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल मिल चुकी है। मौजूदा 21 दिन की फरलो को मिलाकर इस साल यह उसकी तीसरी रिहाई बताई गई है।
राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो दिए जाने को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल हरियाणा सरकार की आलोचना कर चुके हैं। इसी राजनीतिक विवाद के बीच अभिजीत दीपके ने ग्वालियर की ‘किसिंग कार’ की घटना को राम रहीम से जोड़ते हुए सरकार पर तंज कसा है।
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