बच्चों के ब्रेकफास्ट से हटाएं ये 4 चीजें, वरना सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
By: Jhanvi Gupta Fri, 31 Jan 2025 11:15:17
हर माता-पिता की चिंता यह होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे और उसे सही पोषण मिले। बच्चों का विकास सही ढंग से होने के लिए एक हेल्दी और संतुलित आहार जरूरी है, खासकर उनका ब्रेकफास्ट। अगर आप भी बच्चों को गलत आहार दे रहे हैं, तो उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। सुबह का नाश्ता बच्चों के लिए दिन भर के पोषण का आधार होता है, और यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। इस लेख में हम उन चार खाद्य पदार्थों के बारे में बात करेंगे, जिन्हें बच्चों के ब्रेकफास्ट से हटाना चाहिए, क्योंकि ये उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
चीनी युक्त खाद्य पदार्थ:
चीनी युक्त खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं। बच्चों को ब्रेकफास्ट में अक्सर मीठी चीजें, जैसे केक, पेस्ट्री, और शुगरयुक्त सीरियल दी जाती हैं, लेकिन यह उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। अत्यधिक चीनी का सेवन बच्चों की किडनी पर बुरा असर डाल सकता है और इससे मोटापे, मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अगर बच्चों को नियमित रूप से अधिक मीठी चीजें दी जाती हैं, तो इससे उनके शारीरिक विकास में भी रुकावट आ सकती है। इसके बजाय, बच्चों को ताजे फल, ओट्स, और ब्राउन ब्रेड जैसी स्वास्थ्यवर्धक चीजें देना चाहिए, जो उनके शरीर को आवश्यक ऊर्जा और पोषण प्रदान करें।
प्रोसेस्ड मीट:
प्रोसेस्ड मीट, जैसे सॉसेज, बेकन, और हॉट डॉग्स, बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों में अत्यधिक सोडियम, फैट, और एडिटिव्स होते हैं, जो बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, इन खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन बच्चों में कैंसर और हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है। प्रोसेस्ड मीट लंबे समय तक संरक्षित रहते हैं, जिससे इनमें हानिकारक रसायन जमा हो सकते हैं, जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए बच्चों को हमेशा ताजे घर के बने खाद्य पदार्थ ही दें, जो पोषण से भरपूर और स्वास्थ्यवर्धक हों।
फ्राइड फूड्स:
बच्चों को अक्सर स्नैक्स के रूप में चिप्स, फ्राइड पिज्जा और अन्य फ्राइड फूड्स पसंद आते हैं। हालांकि यह खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन ये बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हो सकते हैं। फ्राइड फूड्स में वसा, नमक और कैलोरी की मात्रा अत्यधिक होती है, जो बच्चों की किडनी और हृदय पर बुरा असर डाल सकती है। इसके अतिरिक्त, यह खाद्य पदार्थ पेट में गैस, अपच, और कब्ज जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। बच्चों को फ्राइड फूड्स से बचाने के लिए, घर पर बनी हुई ताजगी से भरपूर सब्जियां, सूप्स और हल्की-फुल्की स्नैक्स दी जा सकती हैं।
कार्बोनेटेड पेय:
सोड़ा, कोला और अन्य कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बच्चों के लिए पूरी तरह से हानिकारक हो सकते हैं। इनमें अत्यधिक चीनी और कृत्रिम रंग होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। कार्बोनेटेड पेय बच्चों के मोटापे, मधुमेह और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसके बजाय, बच्चों को ताजे फल का रस, दूध, या नारियल पानी देना बेहतर होता है। दूध बच्चों के लिए कैल्शियम और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होता है, जो उनके हड्डी और दांतों के विकास में मदद करता है।
इन खाद्य पदार्थों से बचने के लिए कुछ सुझाव:
अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का ब्रेकफास्ट सेहतमंद और पोषण से भरपूर हो, तो आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
ताजे फल और सब्जियां दें: ब्रेकफास्ट में बच्चों को ताजे फल, जैसे सेब, केला, संतरा, और बेरीज़ दें। ये फलों में विटामिन, खनिज, और फाइबर होते हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही, सब्जियों का सेवन भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी है, जैसे पालक, गाजर, टमाटर, आदि। यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करता है।
साबुत अनाज और लीन प्रोटीन दें: ब्रेकफास्ट में साबुत अनाज, जैसे ओट्स, ब्राउन ब्रेड, और क्विनोआ दें। ये बच्चों को स्वस्थ और ऊर्जा से भरपूर रखने में मदद करते हैं। साथ ही, लीन प्रोटीन, जैसे दाल, चिकन, और अंडे का सेवन बच्चों के मांसपेशियों के विकास के लिए आवश्यक है।
पानी और दूध पिलाएं: बच्चों को हमेशा पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। इससे उनकी त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। इसके अलावा, बच्चों को दूध पिलाना बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन D होते हैं, जो बच्चों के हड्डी और दांतों के विकास के लिए जरूरी होते हैं।
नियमित व्यायाम कराएं: बच्चों को नियमित रूप से खेलकूद और व्यायाम कराना चाहिए। इससे उनके शरीर का वजन नियंत्रित रहता है और वे शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं। व्यायाम करने से बच्चों में मानसिक संतुलन भी आता है और वे स्कूल में अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार रहते हैं।