सलमान खान की बहुप्रतीक्षित व चर्चित फिल्म सिकन्दर 30 मार्च को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस फिल्म को लेकर जहाँ बॉक्स ऑफिस आशान्वित नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर एकल सिनेमाघरों के मालिकों को भी इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। उन्हें आशा है कि सलमान खान की सिकन्दर पुष्पा 2 के बाद प्रदर्शित होने वाली पहली ऐसी फिल्म होगी जिसे देखने के लिए मास एंटरटेन के शौकीन सिंगल स्क्रीन की तरफ अपने कदम बढ़ाएंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 के 5 दिसम्बर को प्रदर्शित हुई पुष्पा 2 : द रूल ऐसी फिल्म रही जिसने सिंगल स्क्रीन्स थियेटर में नई जान फूंक दी थी। इस फिल्म की कमाई ने सिनेमाघरों को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि पुष्पा 2 के बाद कई फिल्मों का प्रदर्शन हुआ लेकिन कोई भी फिल्म सिनेमाघरों से इतनी कमाई करने में सफल नहीं हो पाई।
अपवाद के तौर पर निर्माता दिनेश विजान की विक्की कौशल अभिनीत और लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी फिल्म छावा रही है। इस फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अप्रत्याशित सफलता हासिल की है। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 600 करोड़ के आंकड़े को छूने की तैयारी में लगी इस फिल्म को देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों की ओर लौटे लेकिन सिंगल स्क्रीन्स पर नहीं अपितु इसे दर्शकों ने मल्टीप्लेक्स में देखना ज्यादा पसन्द किया।
2025 में विक्की कौशल की छावा रिलीज हुई है, जिसने 700 करोड़ का कलेक्शन हासिल कर लिया है और लगातार कमाई करते हुए 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का खिताब हासिल कर लिया है। छावा सिनेमाघरों और दर्शकों के लिए स्लीपर ब्लॉकबस्टर रही है। लेकिन सलमान खान की सिकन्दर को लेकर सफलता के पूर्वानुमान लगा लिए गए हैं। कहा जा रहा है कि यह फिल्म 1000 करोड़ का कारोबार करने में सफल होगी। यह अनुमान बॉक्स ऑफिस के हैं। सिकन्दर की सफलता के लिए सिंगल स्क्रीन्स भी काफी आशान्वित हैं।
सिकंदर की रिलीज को लेकर मुम्बई के गेयटी गैलेक्सी और मराठा मंदिर थियेटर के मालिक मनोज देसाई ने कहा, ये सिकंदर ही ऐसी फिल्म है शायद, जो हमें बचा सकती है. जैसे कि पुष्पा ने बचाया था। जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि 1,642–1,800 करोड़ की कमाई पुष्पा 2 ने सिनेमाघरों में हासिल की थी, वहीं फिल्म का बजट 300 से 500 करोड़ के बीच था।
अब सिकन्दर की सफलता सलमान खान के करियर की बहुत जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी जितनी भी फिल्में आई हैं उन्हें वो सफलता नहीं मिल पाई है। इस बात को सलमान खान भी अच्छी तरह से समझते हैं कि सिकन्दर उनके करियर की दशा और दिशा को बदलने में अहम भूमिका निभाने वाली है।
सिकन्दर को लेकर कहा जा रहा है कि यह किसी भी दक्षिण भारतीय फिल्म या अन्य किसी भाषा में बनी फिल्म का रीमेक नहीं है। इसका कथानक ओरिजनल है, जिसे मुरुगादास ने अपने विजन से संवारा है। उन्हें पूरा विश्वास है कि सिकन्दर उनकी पहली हिन्दी निर्देशित फिल्म गजनी की तरह अप्रत्याशित सफलता प्राप्त करेगी। गजनी 17 वर्ष पहले प्रदर्शित हुई थी। तब सिनेमाघरों की टिकट दरें इतनी महंगी नहीं थी, लेकिन आजकल दरें ऊँची हैं जिससे कारोबार काफी बढ़ गया है।