
ताजमहल की उत्पत्ति को नए नजरिए से दिखाने वाली परेश रावल स्टारर ‘द ताज स्टोरी’ शुरुआत से ही सुर्खियों में रही है। रिलीज से पहले ही यह फिल्म विवादों में घिर गई थी, लेकिन आलोचनाओं और विरोध के बीच भी इसने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि फिल्म में ताजमहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। हालांकि कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिससे निर्माताओं को राहत मिली और फिल्म निर्धारित तारीख पर ही सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
पोस्टर से भड़का विवाद
फिल्म का विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले महीने इसका एक पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने आया। उसमें ताजमहल के गुंबद से भगवान शिव की एक विशाल मूर्ति उभरती हुई दिखाई गई थी। पोस्टर के साथ लिखा था — “क्या होगा अगर आपको जो कुछ सिखाया गया, वह सब झूठ हो?” इस विजुअल के बाद सोशल मीडिया पर तूफान मच गया और कई यूजर्स ने फिल्म पर “झूठा इतिहास” फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
बॉक्स ऑफिस पर ‘द ताज स्टोरी’ का प्रदर्शन
विवादों के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ठीकठाक शुरुआत की। पहले दिन ‘द ताज स्टोरी’ ने 0.9 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जबकि दूसरे दिन इसमें उछाल देखा गया और फिल्म ने 1.31 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह दो दिनों में फिल्म की कुल कमाई 2.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि यह आंकड़ा बड़े बजट की फिल्मों की तुलना में कम है, लेकिन बिना किसी मेनस्ट्रीम स्टार और सीमित प्रमोशन के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन उल्लेखनीय माना जा रहा है।
दमदार स्टारकास्ट और निर्देशन
फिल्म में परेश रावल ने अपने सशक्त अभिनय से एक बार फिर दर्शकों का दिल जीता है। उनके साथ जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमिता दास और स्नेहा वाघ जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म का निर्देशन तुषार अमरिश गोयल ने किया है, जिन्होंने सौरभ एम. पांडे के साथ मिलकर इसकी कहानी भी लिखी है।
विवाद के बीच बढ़ती दिलचस्पी
दिलचस्प बात यह है कि जितना विरोध फिल्म को मिला, उतनी ही तेजी से लोगों में इसे देखने की जिज्ञासा बढ़ी है। कई थिएटर्स में शो हाउसफुल चल रहे हैं और सोशल मीडिया पर बहस जारी है कि फिल्म इतिहास की व्याख्या है या कल्पना की उड़ान। ‘द ताज स्टोरी’ ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और प्रस्तुति दिलचस्प हो, तो विवाद भी उसे बॉक्स ऑफिस पर ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं।














