#India:Stunt master #SMRaju dies while performing high-risk car toppling stunt during film shoot in #TamilNadu. pic.twitter.com/JXwUZFPWn4
— CMNS_Meबी. सरोजा देवी का 87 साल की उम्र में निधन, दिलीप कुमार के साथ भी की फिल्म
साउथ सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस बी. सरोजा देवी का निधन हो गया है। वे 87 साल की थीं। उन्होंने कन्नड़ के अलावा तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषा में करीब 200 फिल्मों में काम किया था। वो ‘अभिनय सरस्वती’ और ‘कन्नड़थु पैंगिल’ जैसे नामों से जानी जाती हैं। सरोजा ने करिअर की शुरुआत 17 साल की उम्र में की थी। वह सबसे पहले 1955 में आई फिल्म ‘महाकवि कालीदास’ में नजर आई लेकिन साल 1958 में आई फिल्म ‘नदोदी मनन’ से उन्हें पहचान मिली।
इसमें वो एमजी रामाचंद्रन (एमजीआर) के साथ दिखी थीं। उन्होंने 1959 में अपनी पहली हिंदी फिल्म 'पैगाम' में दिलीप कुमार के साथ काम किया। इसके बाद वह 'बेटी बेटे', 'ससुराल' और 'प्यार किया तो डरना क्या' जैसी फिल्मों में भी दिखीं। सरोजा देवी को सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई सम्मान भी मिल चुके हैं। साल 1969 में में उन्हें पद्मश्री और 1992 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। उन्हें तमिलनाडु का कलाईममणि पुरस्कार और बैंगलोर विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिल चुकी है।
सरोजा का जन्म 7 जनवरी 1938 को बेंगलुरू में हुआ था। वे पुलिस अफसर भैरप्पा और रुद्रम्मा की चौथी बेटी थीं। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में साड़ी, जूलरी और हेयरस्टाइल का ट्रेंड सेट करने के लिए जाना जाता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “उनका निधन इंडियन सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है। मैं प्रार्थना करता हूं कि सरोजा देवी की आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार के लिए मेरी संवेदना।”
सरोजा देवी के निधन पर एक्टर और पॉलिटिशियन खुशबू सुंदर ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज एक युग का अंत हो गया जिन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उन्हें जितना फेम हासिल हुआ उतना शायद ही साउथ में किसी फीमेल आर्टिस्ट को मिला। वह बहुत ही प्यारी और नेकदिल इंसान थीं। मैं जब भी बेंगलुरू जाती तो उनसे जरूर मिलती थीं।













