
मनोरजंन जगत से एक बुरी खबर सामने आई है। तमिल सिनेमा को एक दुखद घटना ने झकझोर दिया। मशहूर स्टंटमैन एसएम राजू की फिल्म निर्माता पीए रंजीत की आगामी फिल्म 'वेट्टुवम' के सेट पर एक कार स्टंट के दौरान हुई दुर्घटना में मौत हो गई। हादसा रविवार (13 जुलाई) को हुआ। इसका एक भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में राजू को एक कार पलटने का स्टंट करते देखा जा सकता है। जैसे ही कार रैंप पर चढ़ी, उसका बैलेंस बिगड़ गया। कार हवा में कई बार पलटी और फिर आगे के हिस्से पर जोर से गिर गई।
हादसे के तुरंत बाद सेट पर मौजूद क्रू को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ और वे कार की ओर दौड़े लेकिन जब तक वे राजू तक पहुंचे, वे गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक्टर विशाल ने राजू के निधन की पुष्टि की। दोनों ने कई प्रोजेक्ट्स में साथ काम किया है। विशाल ने X (ट्विटर) पर लिखा, “यह बात पचा पाना बहुत मुश्किल है कि स्टंट आर्टिस्ट राजू का आज सुबह जैमी @arya_offl और @beemji रंजीत की फिल्म के लिए कार पलटने का एक सीन करते समय निधन हो गया। मैं राजू को इतने सालों से जानता हूं।
उन्होंने मेरी फिल्मों में कई जोखिम भरे स्टंट बार-बार किए हैं क्योंकि वे बहुत बहादुर इंसान हैं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में और शक्ति प्रदान करे। सिर्फ इस ट्वीट के साथ ही नहीं, बल्कि उसी फिल्म इंडस्ट्री से होने के नाते और इतनी सारी फिल्मों में उनके योगदान के लिए, मैं उनके परिवार के भविष्य के लिए भी हमेशा मौजूद रहूंगा।” बता दें स्टंट आर्टिस्ट राजू तमिल सिनेमा में एक जाना-पहचाना नाम थे। उन्होंने कई वर्षों तक तमिल फिल्मों में जोखिम भरे स्टंट करके अपनी अलग पहचान बनाई थी।
राजू को निडरता और प्रोफेशनलिज्म के लिए जाना जाता था। उनकी परफॉर्मेंस की दर्शक ही नहीं, बल्कि एक्टर और डायरेक्टर्स भी खूब तारीफ करते थे। वे ऐसे स्टंटमैन थे, जिन पर फिल्म के सबसे खतरनाक सीन की जिम्मेदारी बिना झिझक सौंप दी जाती थी। उनका यूं अचानक चले जाना इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है।
#India:Stunt master #SMRaju dies while performing high-risk car toppling stunt during film shoot in #TamilNadu. pic.twitter.com/JXwUZFPWn4
— CMNS_Media⚔️ #Citizen_Media🏹VEDA 👣 (@1SanatanSatya) July 14, 2025

बी. सरोजा देवी का 87 साल की उम्र में निधन, दिलीप कुमार के साथ भी की फिल्म
साउथ सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस बी. सरोजा देवी का निधन हो गया है। वे 87 साल की थीं। उन्होंने कन्नड़ के अलावा तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषा में करीब 200 फिल्मों में काम किया था। वो ‘अभिनय सरस्वती’ और ‘कन्नड़थु पैंगिल’ जैसे नामों से जानी जाती हैं। सरोजा ने करिअर की शुरुआत 17 साल की उम्र में की थी। वह सबसे पहले 1955 में आई फिल्म ‘महाकवि कालीदास’ में नजर आई लेकिन साल 1958 में आई फिल्म ‘नदोदी मनन’ से उन्हें पहचान मिली।
इसमें वो एमजी रामाचंद्रन (एमजीआर) के साथ दिखी थीं। उन्होंने 1959 में अपनी पहली हिंदी फिल्म 'पैगाम' में दिलीप कुमार के साथ काम किया। इसके बाद वह 'बेटी बेटे', 'ससुराल' और 'प्यार किया तो डरना क्या' जैसी फिल्मों में भी दिखीं। सरोजा देवी को सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई सम्मान भी मिल चुके हैं। साल 1969 में में उन्हें पद्मश्री और 1992 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। उन्हें तमिलनाडु का कलाईममणि पुरस्कार और बैंगलोर विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि भी मिल चुकी है।
सरोजा का जन्म 7 जनवरी 1938 को बेंगलुरू में हुआ था। वे पुलिस अफसर भैरप्पा और रुद्रम्मा की चौथी बेटी थीं। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में साड़ी, जूलरी और हेयरस्टाइल का ट्रेंड सेट करने के लिए जाना जाता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “उनका निधन इंडियन सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है। मैं प्रार्थना करता हूं कि सरोजा देवी की आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार के लिए मेरी संवेदना।”
सरोजा देवी के निधन पर एक्टर और पॉलिटिशियन खुशबू सुंदर ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज एक युग का अंत हो गया जिन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उन्हें जितना फेम हासिल हुआ उतना शायद ही साउथ में किसी फीमेल आर्टिस्ट को मिला। वह बहुत ही प्यारी और नेकदिल इंसान थीं। मैं जब भी बेंगलुरू जाती तो उनसे जरूर मिलती थीं।














