
टीवी से सिल्वर स्क्रीन तक का सफर तय कर चुकीं रोशनी वालिया इन दिनों फिल्म सन ऑफ सरदार 2 में ‘सबा’ के किरदार में नजर आ रही हैं। एक समय पर छोटे पर्दे पर छाई रहीं रोशनी को आपने बालिका वधू में छोटी ‘गंगा’, देवों के देव महादेव में टीनेज सीता और भारत का वीर पुत्र – महाराणा प्रताप में अजबदे पंवार के रूप में देखा होगा। मात्र 7 साल की उम्र में मुंबई आईं रोशनी की परवरिश एक सिंगल मदर ने की है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी और मां से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें साझा कीं।
मां से दोस्ती जैसा रिश्ता
रोशनी ‘हॉटरफ्लाई’ के द मेल फेमिनिस्ट पॉडकास्ट में शिरकत कर रही थीं, जहां उन्होंने अपनी मां के साथ अपने बेहद खुले और ईमानदार रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने बताया, “मैंने कभी अपनी मम्मी से झूठ नहीं बोला। अगर किसी लड़के से मिलना हो या उसे घर बुलाना हो, तो मैंने बिना झिझक बताया।” उनका मानना है कि कठोर अनुशासन बच्चों को और ज्यादा बागी बना देता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके दोस्त उनकी मम्मी को “आंटी” नहीं बल्कि प्यार से “स्वीटी” कहते हैं क्योंकि वे इतनी फ्रेंडली हैं।
'करो जो करना है, लेकिन सेफ्टी जरूरी है'
जब रोशनी से पूछा गया कि ऐसी कौन-सी तीन बातें हैं जो सुनने वालों को हैरान कर दें कि उन्होंने अपनी मां से बोली होंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “मेरी मां ने हमेशा खुलकर बातचीत की है। उन्होंने बार-बार एक ही बात दोहराई – अगर कुछ भी करो, तो प्रोटेक्शन जरूर यूज करना। ये बात उन्होंने मेरी बड़ी बहन को ज़्यादा बार समझाई क्योंकि तब मैं छोटी थी, लेकिन अब जब बड़ी हो रही हूं, तो मुझसे भी वही बात करती हैं।”
‘घर पर मत बैठो, बाहर जाकर मस्ती करो’
रोशनी की मां उन्हें सिर्फ सजग रहने की ही नहीं, बल्कि खुलकर जीने की भी सीख देती हैं। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “मेरी मां खुद कहती हैं कि मैं घर पर बहुत रहती हूं। वो बोलती हैं, ‘थोड़ा बाहर जाओ, पार्टी करो, एंजॉय करो।’ कभी-कभी तो पूछती हैं, ‘आज ड्रिंक करके नहीं आई?’” रोशनी ने बताया कि वे पंजाबी हैं और ऐसे माहौल में ऐसी बातें आम हैं।
एक मोबाइल के लिए मां ने बेच दिया सोना
अपनी मां की कुर्बानियों को याद करते हुए रोशनी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें मोबाइल दिलाने के लिए अपना कीमती सोना तक बेच दिया था। रोशनी ने कहा, “जो भी मैं हूं, अपनी मां की वजह से हूं। उन्होंने इलाहाबाद छोड़कर सिर्फ हमारे लिए मुंबई आने का बड़ा फैसला लिया।” उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में 1000 रुपये का महत्व मुंबई के 100 रुपये जितना भी नहीं था, फिर भी मां ने कभी कोई कमी नहीं आने दी।
एक्टिंग करियर की शुरुआत – महज 7 साल की उम्र में
रोशनी के एक्टिंग करियर की शुरुआत भी एक दिलचस्प संयोग से हुई। वे सिर्फ एक पारिवारिक छुट्टी पर 7 साल की उम्र में मुंबई आई थीं और यूं ही एक विज्ञापन के ऑडिशन में हिस्सा लिया। उस समय उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया और वह सेलेक्ट हो गईं। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
पिता से अलग, मां ने संभाली जिम्मेदारी
रोशनी ने बताया कि उनके माता-पिता के बीच तलाक हो चुका है। मां ने अकेले दोनों बेटियों की परवरिश की और उन्हें एक बेहतर जिंदगी देने के लिए संघर्ष किया। आज रोशनी जो भी मुकाम हासिल कर पाई हैं, उसके पीछे उनकी मां की मेहनत, सोच और समर्थन की अहम भूमिका है।














