मशहूर निर्माता-निर्देशक दिवंगत रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ थे और इसी वजह से उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने आज रविवार (31 अगस्त) को अंतिम सांस ली। वे 84 साल के थे। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। प्रेम एक सीनियर प्रोड्यूसर और जाने-माने सिनेमैटोग्राफर थे, जिन्होंने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में सागर परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। वे भारतीय फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान (FTII) पुणे के 1968 बैच के स्टूडेंट थे।
प्रेम सागर ने दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल ‘विक्रम और बेताल’ का डायरेक्शन करने के साथ इसे प्रोड्यूस भी किया था। इसके अलावा उन्होंने ‘काकभुषुंडी रामायण’, ‘कामधेनु गौमाता’ जैसे प्रोजेक्ट्स प्रोड्यूस किए। सिनेमेटोग्राफी के क्षेत्र में भी प्रेम का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने 1968 में आई धर्मेंद्र और माला सिन्हा अभिनीत फिल्म ‘आंखें’ और 1972 में राजेंद्र कुमार और माला सिन्हा की फिल्म ‘ललकार’ में तकनीकी विभाग का नेतृत्व किया। साल 1976 में धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की सुपरहिट फिल्म ‘चरस’ में उन्होंने सिनेमेटोग्राफर के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
उनके अन्य उल्लेखनीय प्रोजेक्ट्स में ‘हम तेरे आशिक हैं’ (1979), ‘बसेरा’ (2009) और ‘जय जय शिव शंकर’ (2010) शामिल हैं। ‘रामायण’ में राम का यादगार किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए पोस्ट की है। अरुण ने लिखा, “रामायण टीवी सीरियल का स्वरूप देकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जन-जन तक भगवान श्रीराम की मर्यादा, आदर्श और शिक्षाओं को पहुंचाने वाले स्व. रामानंद सागर के सुपुत्र एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्माता प्रेम सागर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवारजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें, ॐ शांति।” रामायण मे ‘लक्ष्मण’ का रोल प्ले करने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने लिखा, “ये दुखद समाचार शेयर करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है। रामानंद सागर के पुत्र प्रेम सागर स्वर्ग सिधार गए हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके घरवालों को इस दुख को सहने की शक्ति दे।”














