
तेलुगू सिनेमा को एक नई प्रतिभा मिली है, और वह कोई और नहीं बल्कि 'पुष्पा' जैसी सुपरहिट फिल्म के निर्देशक सुकुमार की बेटी सुकृति वेणी बांद्रेड्डी हैं। मात्र 15 वर्ष की उम्र में सुकृति ने अपने पहले ही अभिनय प्रयास में देश का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय बाल कलाकार पुरस्कार जीत लिया है। यह सम्मान उन्हें 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 'गांधी तथा चेत्तु' नामक सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म में उनके प्रभावशाली अभिनय के लिए दिया गया।
इस विशेष उपलब्धि पर निर्देशक पिता सुकुमार ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, "जब मैंने सुना कि तुमने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है, मैं कुछ पल के लिए निशब्द रह गया। अब तक कई पुरस्कार हाथों में लिए हैं, लेकिन यह मेरे दिल के सबसे करीब है।" उन्होंने आगे कहा कि "गांधी तथा चेत्तु" में बेटी की अदाकारी इतनी सच्ची और संवेदनशील थी कि उन्हें एक पल को यह भी याद नहीं रहा कि वह अपनी ही बेटी को पर्दे पर देख रहे हैं।
सुकुमार ने यह भी साझा किया कि किस तरह सुकृति ने पूरी मासूमियत के साथ अपने किरदार को निभाया और यह समर्पण अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। "तुम भले ही अभी बच्ची हो, लेकिन आज तुमने यह साबित कर दिया कि मेहनत और ईमानदारी से कुछ भी पाया जा सकता है।"
अपने पोस्ट के अंत में सुकुमार ने फिल्म की निर्देशक पद्मावती मल्लाड़ी और निर्माताओं नवीन यरनेनी, रवि शंकर और सेशा सिंधु राव का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने लिखा, "यह पुरस्कार आप सभी का भी है। और मेरी बेटी, तुम्हारी मुस्कान ही वह पुरस्कार है जिसे मैं ज़िंदगी भर संजोकर रखूंगा।"
'गांधी तथा चेत्तु' 24 जनवरी 2025 को थिएटरों में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म तेलंगाना के एक गांव की 13 वर्षीय लड़की की कहानी है, जो गांधीवादी विचारों की प्रेरणा से अपने गांव के एक पेड़ की रक्षा करती है। सुकृति के अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने ही बेहद सराहा है।
सुकृति वेणी बांद्रेड्डी का यह सफर भारतीय सिनेमा में एक चमकते सितारे के रूप में शुरू हो चुका है।














