अभिनेता मुश्ताक खान का मुंबई में निधन हो गया। वह लंबे समय से लंग कैंसर से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके बेटे मोहसिन खान ने पिता की बीमारी और आखिरी दिनों के बारे में कई बातें साझा की हैं। उनके मुताबिक, मुश्ताक एक साल से ज्यादा समय से बीमार थे और इलाज का असर भी ठीक मिल रहा था, लेकिन निधन से पहले के करीब 10 दिनों में उनकी हालत को संभालना मुश्किल हो गया था।
मोहसिन ने बताया कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी उनके पिता के चेहरे पर मुस्कान बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि मुश्ताक रिकवर कर रहे थे, लेकिन पिछले 10 दिनों में स्थिति अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई। मोहसिन के मुताबिक, उनके पिता ने जिंदगी अच्छी तरह जी और बीमारी के दौरान भी उनका रवैया सकारात्मक रहा।
बीमारी के दौरान भी मुश्ताक ने नहीं छोड़ा काम
मुश्ताक खान ने बीमारी के बीच भी शूटिंग की थी। मोहसिन के मुताबिक, अभिनेता ने आखिरी बार 4 सितंबर को मढ़ आइलैंड में शूट किया था। इस दौरान उन्होंने रजत बेदी, चंकी पांडे और राजपाल यादव के साथ काम किया था।
मोहसिन ने बताया कि यह प्रोजेक्ट सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा के बेटे टाइगर की डेब्यू फिल्म 'टार्जन' है। इसके अलावा मुश्ताक की तेलुगु फिल्म 'दादा विद जाट' दिसंबर में रिलीज होने वाली है।
मुश्ताक ने अपने बेटे मोहसिन की हिंदी-मराठी फिल्म में भी काम किया था। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और मोहसिन ने इसे कुछ महीनों में रिलीज करने की योजना बताई है। मुश्ताक ने 'द वन' में भी काम किया था, हालांकि मोहसिन को यह जानकारी नहीं है कि उनका सीन अंतिम फिल्म में रखा गया है या नहीं।
बेटे की फिल्म होगी मुश्ताक खान को समर्पित
मोहसिन ने बताया कि उनके पिता ने उनके साथ बहुत ज्यादा काम नहीं किया, लेकिन उनके शूट और प्रमोशन के दौरान वह मौजूद रहते थे। दोनों ने साथ में दो टीवीसी भी किए थे, जिनमें से एक राजपाल यादव और दूसरा परेश रावल के साथ था।
मोहसिन की हिंदी-मराठी फिल्म में मुश्ताक ने पहली बार उनके साथ एक पूरी भूमिका निभाई थी। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन मुश्ताक अपनी भूमिका के लिए डबिंग नहीं कर सके। मोहसिन के मुताबिक, अब यह फिल्म उनके पिता को ट्रिब्यूट के तौर पर रिलीज की जाएगी।
पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम
मुश्ताक खान ने 70 के दशक से फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था। उनके हिस्से में अक्सर छोटे किरदार आते थे, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस को याद किया जाता रहा। उन्होंने करीब 51 साल तक मनोरंजन जगत में काम किया।
अपने लंबे करियर के दौरान मुश्ताक ने 300 से ज्यादा फिल्मों और ओटीटी सीरीज में काम किया। इसके अलावा वह 1000 से ज्यादा टीवी शोज का भी हिस्सा रहे। बीमारी के दौरान भी उनका काम जारी रहा और निधन से पहले तक वह कई प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए थे।
मोहसिन ने एक्टिंग के बजाय चुना फिल्ममेकिंग का रास्ता
मुश्ताक खान के बेटे मोहसिन ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाया, लेकिन उन्होंने एक्टिंग के बजाय लेखन, निर्देशन और प्रोडक्शन को चुना। वह 'छुट्टा नहीं है', 'डिलीवरी बॉय' और 'वड़ा पाव' जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस और डायरेक्ट कर चुके हैं।
मोहसिन ने पहले बताया था कि उनके पिता उन्हें 2009-2010 में महेश भट्ट के पास लेकर गए थे। हालांकि, उनका अपना झुकाव फिल्ममेकिंग की तरफ रहा। मोहसिन के मुताबिक, वह लेखन, निर्देशन और प्रोडक्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और खुद को एक अभिनेता की तुलना में बेहतर स्टोरीटेलर मानते हैं।
मुश्ताक खान के निधन के बाद उनके बेटे की हिंदी-मराठी फिल्म अब उनके लिए एक खास मायने रखती है। फिल्म में मुश्ताक ने भूमिका निभाई थी, लेकिन वह उसकी डबिंग पूरी नहीं कर सके। मोहसिन ने इसे अपने पिता को श्रद्धांजलि के रूप में रिलीज करने की बात कही है।













