दिवंगत मोहम्मद रफी को भारतीय सिनेमा के महान गायकों में शुमार किया जाता है। रफी ने हिंदी फिल्मों में ढेरों यादगार गीतों को अपनी मधुर आवाज से सजाया। लोग आज भी उनके गाने सुनकर अभिभूत और मोहित हो जाते हैं। हाल ही में रफी के बेटे शाहिद रफी ने एक इंटरव्यू में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शाहिद ने पत्रकार विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि दिवंगत गायिका लता मंगेशकर और उनकी छोटी बहन आशा भोसले, को उनके पिता से जलन थी। शाहिद ने आरोप लगाया कि दोनों बहनों ने मिलकर रफी साहब का करिअर बर्बाद करने की कोशिश की।
शाहिद ने कहा कि उन दोनों को अब्बा की लोकप्रियता से चिढ़ थी इसलिए उन्होंने उनका करिअर रोकने की कोशिश की। जब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे ज्यादा गाने गाने वाले सिंगर के तौर पर अब्बा का नाम दर्ज होना था, तब लता जी ने उसमें दखल दिया और दावा किया कि उन्होंने ज्यादा गाने गाए हैं। इसके बाद अब्बा ने उस मामले को आगे नहीं बढ़ाया, बस गाते रहे। शाहिद ने आशा के एक पुराने बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि रफी साहब की आवाज में रेंज नहीं थी। इस पर शाहिद बोले कि आप विद्वान हो, शर्म करो।
इस उम्र में इस तरह की बातें मत करो। मेरे पिताजी की आवाज में रेंज की कमी बताना गलत है। वो हर मूड और हर सिचुएशन के हिसाब से गा सकते थे-चाहे वो रोमांस हो, देशभक्ति हो या दर्द। आवाज को मॉड्यूलेट करना भी एक कला होती है। आप बूढ़ी हो गई हो, अपने बारे में बात करो। मुझे इन बातों को कहने में झिझक नहीं है। मैंने लताजी को उनके निधन से पहले ही यह बात साफ कह दी थी। मेरे पिता और लता जी के बीच व्यक्तिगत बातचीत नहीं होती थी। हालांकि एक समय ऐसा आया जब एक्ट्रेस नरगिस और संगीतकार जयकिशन के कहने पर पिताजी ने लता जी को माफ कर दिया था।
इसके बाद दोनों ने एक साथ एक स्टेज शो में परफॉर्म भी किया था। शाहिद ने कहा कि 1960 के दशक में मेरे पिता अपने चरम पर थे। उन दिनों उनके पास हमारे लिए भी समय नहीं था। मैं कभी बर्दाश्त नहीं करूंगा कि कोई मेरे पिता के बारे में बुरा बोले। मैं चुप नहीं रहूंगा, चाहे वह कोई भी हो। मेरे पिता मेरे पिता थे और मैं जानता था कि उनका क्या रुख है। उल्लेखनीय है कि रफी का 1980 में 55 साल की उम्र में निधन हो गया था। लता ने साल 2022 में 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। आशा (91) ने फिल्मों में गाना बंद कर दिया है और वह कभी कभार किसी पार्टी समारोह में नजर आती हैं। लता और आशा ने रफी के साथ कई लोकप्रिय युगल गीत गाए हैं।














