साल 1995 में आई फिल्ममेकर राकेश रोशन की फिल्म ‘करण-अर्जुन’ में दो सुपरस्टार सलमान खान और शाहरुख खान ने पहली बार साथ काम किया था। दोनों उस दौरान काफी अच्छी बॉन्डिंग शेयर करते थे, लेकिन सेट पर मौजूद बाकी लोगों के सामने वो अक्सर लड़ते-झगड़ते दिखते थे जिससे मेकर्स को लगता था कि उनके बीच बनती नहीं है। इस बीच इस सुपरहिट मूवी का हिस्सा रहे कॉमेडियन जॉनी लीवर ने एक किस्से का खुलासा किया जिसने सभी के होश उड़ा दिए। जॉनी ने दोनों कलाकारों के साथ कई फिल्मों में काम किया है।
जॉनी ने गलाटा इंडिया के साथ बात करते हुए बताया कि कैसे एक बार शाहरुख और सलमान ने मिलकर सेट पर प्रैंक किया था जिससे वहां मौजूद सभी लोग सदमे में आ गए थे। जॉनी ने बताया कि वो जयपुर में शूट कर रहे थे और सलमान हर दिन किसी न किसी बात पर शाहरुख की टांग खींचते। हर किसी को डर था कि कहीं शाहरुख उनकी बातों का बुरा न मान जाएं। हर कोई डरा रहता था कि कहीं एक्टर को बुरा न लग जाए। एक दिन सेट पर सलमान ने गोली चला दी जिसके तुरंत बाद शाहरुख जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद हर किसी को लगा कि सलमान ने शाहरुख पर गोली चला दी।
हर कोई सदमे में चला गया था, लेकिन कुछ देर के बाद शाहरुख उठ पड़े और दोनों ही मिलकर हंसने लगे। यह एक प्रैंक था। बता दें सलमान ने भी ‘आपकी अदालत’ में अपने उस मजाक के बारे में बात की थी। सलमान ने कहा था कि इस मजाक के लिए उन्होंने प्रॉप डिपार्टमेंट से एक बंदूक ली थी। उन्होंने शाहरुख के साथ सेटिंग की थी कि वो उन्हें डांस के लिए बुलाएंगे जिसे वो मना करेंगे और फिर दोनों के बीच बहस होगी। इस बहस का अंजाम ऐसा होगा कि सलमान आखिरकार गुस्से में शाहरुख पर गोली चला देंगे।
कैलाश खेर पर लगा था अपने गाने से धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मशहूर सिंगर कैलाश खेर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कैलाश के भगवान शिव के ऊपर गाए 'बबम बाम' गाने के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने लेखक एजी नूरानी के हवाले से कहा कि असहिष्णुता और रूढ़िवादिता से असहमति भारतीय समाज के लिए अभिशाप रही है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति एस सी चांडक की खंडपीठ ने कहा कि कैलाश ने केवल 'बबम बाम' गीत गाया था।
उनकी ओर से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था। बता दें कैलाश पर नरिंदर मक्कड़ नाम के एक व्यक्ति ने लुधियाना की एक स्थानीय अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने खुद को शिव उपासक बताया और कहा कि 'बबम-बाम' में एक अश्लील वीडियो दिखाया गया है। इस गाने में कम कपड़े पहनी महिलाएं और किसिंग सीन है।
हाईकोर्ट ने कहा कि कैलाश द्वारा गाए गए गीत के बोल भगवान शिव की स्तुति और उनके शक्तिशाली चरित्र के गुणों के अलावा और कुछ नहीं हैं। हर काम जो किसी खास वर्ग विशेष को नापसंद हो, जरूरी नहीं कि उससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। कैलाश के खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि वह वीडियो में कुछ कम कपड़े पहने लड़कियों के साथ डांस कर रहे हैं, जो शिकायतकर्ता के अनुसार अश्लील है और इसलिए उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। कैलाश के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता क्योंकि उनकी ओर से कोई जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था, वह तो सिर्फ गाना गा रहे थे। कैलाश ने साल 2014 में पंजाब के लुधियाना कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था।














