
27 दिसंबर को टीवी एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा का अंतिम संस्कार हुआ। लाल जोड़े में सजी तुनिशा को अंतिम विदाई देते हुए हर किसी की आंखें नम थी। बता दे, तुनिशा शर्मा ने 24 दिसंबर को अपने सीरियल 'अलीबाबा: दास्तां-ए-काबुल' के सेट पर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद एक्ट्रेस के एक्स बॉयफ्रेंड और को-स्टार शीजान खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। शीजान के खिलाफ तुनिशा को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं तुनिशा शर्मा के सुसाइड केस ने स्टार्स की सिक्योरिटी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब FWICE ने अहम कदम उठाने का फैसला लिया है।
तुनिशा शर्मा के हादसे के बाद FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिनेइंप्लॉई) के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी के अनुसार, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी सेट पर आर्टिस्ट ने ये कदम उठाया है। इस तरह से एक गलत प्रचलन की शुरूआत हो गई है। इसको तत्काल रोकने की जरूरत है। इसपर हमारे फेडरेशन द्वारागंभीरता से सोच-विचार कर निर्णय लेने का समय है।
बीएन तिवारी ने कहा, 'फेडरेशन प्रोड्यूसर बॉडी को लेकर लेटर लिख रही है। ताकि इस तरह के एक्शन को बढ़ावा न मिले। अब उस शो के बारे में सोचें, हीरो गिरफ्तार है, एक्ट्रेस रही नहीं, सेट बना हुआ है। शूटिंग रूक गई है। अब तक का सबसे मंहगा सेट है। ऐसे में इस बार पर भी विचार करने की जरूरत है कि प्रोड्यूसर की क्या हालत हुई होगी। एक प्रोड्यूसर खत्म हो गया, वो पेमेंट कैसे कर पाएगा, कितना कर्ज उसपर चढ़ेगा, उसका कोई हिसाब नहीं।'
बीएन तिवारी आगे कहते हैं, 'देखिए फेडरेशन इससे पहले भी सेट पर जाती थी। कास्ट एंड क्रू से बातचीत कर हालात को समझने की कोशिश करती थी। आज वो स्थिती नहीं रही, हमने जाना बंद कर दिया है और लोग यहां अपनी मर्जी चला रहे हैं। तुनिशा के साथ जो हुआ है, वो दुखद है लेकिन हमें इस पर ध्यान देना होगा कि ऐसा कुछ भी दोबारा नहीं हो।'
तिवारी ने आगे कहा- 'मेकअप रूम में इतनी जगह नहीं होती है, कोई कैसे सुसाइड कर सकता है। बताओ, सेट पर इतने लोग मौजूद हैं, उन्हें भनक कैसे नहीं लगी। लोगों को अब आपस में मतलब नहीं रहा है।'
अपने आगे के एक्शन के बारे में बताते हुए बीएन तिवारी कहते हैं- 'प्रोड्यूसर से मीटिंग के दौरान हम बात रखेंगे कि केवल पैसा कमाना ही उनका लक्ष्य नहीं होना चाहिए। आपको अपनी टीम के मेंटल हेल्थ के बारे में सोचना चाहिए। मीटू के दौरान हमने सेट पर सेक्सुअल हरैसमेंट जैसी चीजों को खत्म करने के लिए एक टीम बनवाई थी। वहीं हम इस बार प्रपोज करेंगे कि हर सेट पर एक काउंसलर हो। बच्चों की काउंसलिंग बहुत जरूरी है। आज बच्चों को पैसे अचानक से मिल जाते हैं, उन्हें समझ नहीं आता है किअपनी जिंदगी के साथ क्या करना चाहिए। हर काउंसलर को आर्टिस्ट कीमेडिकल रिपोर्ट की जानकारी होनी चाहिए। उनसे समय-समय पर शूटिंग के टाइम फ्रेम और स्ट्रेस की भी जानकारी होनी चाहिए। तुनिशा के इस कदम ने वाकई हम लोगों को डरा दिया है। ऐसे दहशत माहौल में कैसे काम हो पाएगा।'
तिवारी ने आगे कहा- 'मुझे अली बाबा के सेट में काम करने वाले कई मजदूरों का फोन भी आया है। उन्हें अपने भविष्य की चिंता है। एक सेट पर सैकड़ों लोगों का रोजगार जुड़ा होता है। उनके साथ क्या होने वाला है, इसको लेकर भी हम प्रोड्यूसर एसोसिएशन से बात करने वाले हैं। क्योंकि फिलहाल तो सेट और शो का भविष्य अंधकार में लग रहा है।'














