
साउथ सिनेमा की कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सिर्फ पर्दे पर नहीं, दिलों पर भी राज करती हैं। आज हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं, वह ऐसी ही एक यादगार कहानी है, जिसने रिलीज के बाद न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़े बल्कि लोगों की भावनाओं को भी गहराई से छुआ। साल 2013 में रिलीज हुई इस मलयालम फिल्म ने पहले ही दिन बंपर कमाई कर सबको चौंका दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म को महज 2 से 5 करोड़ के बजट में बनाया गया था, लेकिन यह मलयालम सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म बनी जिसने 50 करोड़ की कमाई का आंकड़ा पार किया और वर्ल्डवाइड 62 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। खास बात यह रही कि फिल्म 150 दिनों तक थिएटर में टिकी रही, जो आज के दौर में किसी करिश्मे से कम नहीं है।
मलयालम सिनेमा की क्रांतिकारी फिल्म 'दृश्यम'
जिस फिल्म की बात हो रही है वह है दृश्यम — एक ऐसी कहानी जिसने एक आम आदमी को हीरो बना दिया। डायरेक्टर जीतू जोसेफ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मोहनलाल ने एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई, जो अपनी बेटी को बचाने के लिए पूरी पुलिस व्यवस्था को मात देता है। उनके साथ मीना, अंसिबा हसन, एस्तेर अनिल और आशा शरत जैसे बेहतरीन कलाकारों ने अपनी अदाकारी से फिल्म को यादगार बना दिया।
रीमेक और सफलता की नई ऊंचाइयां
दृश्यम की लोकप्रियता इतनी जबरदस्त थी कि इसका हिंदी रीमेक 2015 में अजय देवगन के साथ आया, जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। मलयालम में इसका सीक्वल 2021 में आया और फिर हिंदी में भी दृश्यम 2 बनकर लोगों के दिलों में बस गया। यह फिल्म अब तक कुल 6 भाषाओं में रीमेक हो चुकी है — मलयालम, हिंदी, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और सिंहल (श्रीलंका)। साथ ही, इसका इंग्लिश रीमेक भी बनने की चर्चा जोरों पर है।
कहानी जिसने भावनाओं की गहराइयों को छू लिया
दृश्यम की कहानी सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है, बल्कि यह पिता और बेटी के रिश्ते की गहराई को बयां करती है। फिल्म में एक आम इंसान, जो चौथी क्लास पास है, अपने परिवार को बचाने के लिए ऐसा प्लान बनाता है कि पुलिस भी हैरान रह जाती है। दर्शकों को यह जानने की बेसब्री है कि क्या तीसरे भाग में वह पिता आखिरकार अपना गुनाह कबूल करेगा?
इस कहानी में थ्रिल है, इमोशन है और एक ऐसा मैसेज है जो यह बताता है कि एक आम इंसान भी जब अपने परिवार की रक्षा की बात आती है, तो असाधारण बन जाता है।














