दिग्गज फिल्ममेकर सुभाष घई (79) की तबीयत शनिवार (7 दिसंबर) को खराब हो गई। उन्हें बांद्रा के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने कहा कि घई को नियमित जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था और वो ठीक हैं। सूत्र ने एएनआई को बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। हम हर साल ऐसा करते हैं क्योंकि सभी जांच करना महत्वपूर्ण है और उनके व्यस्त कार्यक्रम के कारण, हम उन्हें अस्पताल में भर्ती कराते हैं ताकि डॉक्टर सभी टेस्ट ठीक से कर सकें। वे बिल्कुल ठीक हैं।
इससे पहले अस्पताल की ओर से बताया गया था कि घई इस्केमिक हृदय रोग के मरीज हैं और हाल ही में उन्हें हाइपोथायरायडिज्म का भी पता चला था। दूसरी ओर कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घई को बोलने में कठिनाई और याददाश्त खोने की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। बता दें घई भारतीय अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के 55वें संस्करण में शामिल हुए थे।
इसकी कई झलक उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। घई ने पिछले महीने ऐलान किया था कि अब्बास-मस्तान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘एतराज’ के सीक्वल पर काम हो रहा है। 20 साल पहले आई इस फिल्म को घई ने प्रोड्यूस किया था। घई पिछले दिनों सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में गेस्ट के रूप में भी नजर आए थे।
सुभाष घई ने साल 1967 में शुरू किया था फिल्मी करिअर
घई को फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए लगभग 57 साल हो गए हैं। घई ने अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत बॉलीवुड में एक अभिनेता के तौर पर की थी। उन्होंने 'तकदीर' और 'आराधना' जैसी हिट फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभाईं। इसके बाद वे 'उमंग' और 'गुमराह' जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका में भी नजर आए। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 1967 में की थी और तब से लेकर अब तक वह दर्जनों फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं।
घई रोमांटिक, म्यूजिकल, थ्रिलर, देशभक्ति समेत हर तरह की फिल्में बना चुके हैं। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही हैं। घई की लोकप्रिय फिल्मों में 'कालीचरण', 'कर्ज', 'हीरो', 'राम लखन', 'सौदागर', 'खलनायक', 'परदेस' और 'ताल' शामिल हैं। साल 2006 में उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।














