राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने दसवें दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इनमें 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल रहे। इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई और कुल 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया। सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी में मिली, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा साबित कर दिया।
मुक्केबाजी में भारत का स्वर्णिम प्रदर्शन
दसवें दिन भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण पदक अपने नाम किए। महिलाओं में प्रीति पवार, जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने भी शानदार जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
मुक्केबाजी में भारत का यह प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सबसे यादगार प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ मुकाबले खेले, उसने भारतीय दल की ताकत को दुनिया के सामने साबित कर दिया।
पैरा एथलेटिक्स और एथलेटिक्स में भी मिला शानदार प्रदर्शन
पैरा एथलेटिक्स में सोमन राणा ने पुरुषों की एफ-57 गोला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता डाली। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने रजत पदक जीतकर भारत को पहला और दूसरा स्थान दिलाया।
एथलेटिक्स में प्रवीण चित्रावेल ने पुरुषों की त्रिकूद स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इस राष्ट्रमंडल खेल में अपना दूसरा पदक हासिल किया।
जूडो में भी मिला पदक
जूडो प्रतियोगिता में उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया सम्मान
स्वर्ण पदकों के अलावा कई भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल तक पहुंचकर रजत पदक जीते। मुक्केबाजी में जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल उपविजेता रहे। वहीं एथलेटिक्स में प्रवीण चित्रावेल तथा पैरा एथलेटिक्स में शुभम जुयाल ने भी रजत पदक जीतकर भारत की झोली भरने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भारत के कुल पदकों की संख्या पहुंची 39
दसवें दिन की शानदार सफलता के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 39 हो गई है। भारतीय दल ने अब तक 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत राष्ट्रमंडल खेलों की पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है और शीर्ष तीन देशों के बीच जगह बनाने की दौड़ में बना हुआ है।
पदक तालिका में शीर्ष देशों की स्थिति
राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 61 स्वर्ण, 38 रजत और 50 कांस्य सहित कुल 149 पदकों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। इंग्लैंड 99 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 57 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि स्कॉटलैंड 37 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर है।
स्वर्ण पदक विजेताओं ने दिखाई भारत की नई ताकत
इस
राष्ट्रमंडल खेल में भारत के स्वर्ण पदक विजेताओं में मीराबाई चानू,
शर्मिला धनखड़, दिलीप महादू गावित, अस्मिता डे, हर्ष सिंह, प्रीति पवार,
जैस्मिन लैम्बोरिया, सोमन राणा, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी,
सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन
ने भारत को पदक तालिका में मजबूत स्थिति दिलाई है।
आगे भी पदकों की उम्मीद
भारतीय
खिलाड़ियों का प्रदर्शन अभी तक उम्मीदों से बेहतर रहा है और कई स्पर्धाओं
में भारत के खिलाड़ी अभी भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले
दिनों में भारत की पदक संख्या और बढ़ने की पूरी संभावना है। यदि भारतीय
खिलाड़ी इसी लय को बरकरार रखते हैं तो राष्ट्रमंडल खेल 2026 भारत के सबसे
सफल अभियानों में से एक साबित हो सकता है।













