
एक्टर अरशद वारसी (57) करीब तीन दशक से फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। वे फिल्मों में अब तक कई तरह के किरदार निभा चुके हैं। वैसे अरशद को फैंस ने सबसे ज्यादा प्यार कॉमेडियन के रूप में दिया है। अरशद पिछले दिनों रिलीज हुई ‘जॉली एलएलबी 3’ में अक्षय कुमार के साथ नजर आए। इसमें उनकी एक्टिंग की प्रशंसा हो रही है। अरशद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की। इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान जब अरशद से पूछा गया कि क्या फिल्मों में अच्छी स्क्रिप्ट मिलना मुश्किल है तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। आप देखिए बहुत सारी फिल्में बनती है और उनमें से कुछ ही फिल्में चलती हैं, तो ये गणित एकदम क्लियर है।
अगर हम लोग सही में बेहतरीन स्क्रिप्ट की बात करें तो कई फिल्में हिट होतीं लेकिन ऐसा नहीं है। अब कुछ ही हिट हैं। बेसिकली हर कोई अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश कर रहा है। कई बार मुझे ऐसा फील होता है कि हम लोग अब चांस कम लेते हैं। खास तौर पर हिंदी सिनेमा में। हम लोग सेफ प्ले करने की कोशिश करते हैं। दूसरी ओर अमर उजाला से बातचीत में अरशद अपने किरदारों पर बोले कि कॉमेडी करने वाले अभिनेताओं के साथ ये दिक्कत होती है कि जब वो गंभीर किरदार करते हैं तो लोग उन्हें मजाक में लेते हैं। दर्शकों को गंभीर किरदारों में कॉमेडियन छवि वाला अभिनेता हजम नहीं होता। कई कलाकारों के साथ ऐसा हुआ है, लेकिन खुशकिस्मती से मैंने यह दीवार तोड़ दी।
फिल्म 'शहर' के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया था। मैं आगे भी गंभीर किरदार निभाना चाहता हूं। इतने सालों में मैंने ये सीखा है कि आप कितना भी अच्छा काम कर लो, अगर फिल्म नहीं चलती तो कोई नहीं पूछता, लेकिन अगर फिल्म चल जाए चाहे एक्टिंग औसत ही क्यों न हो तो सब कुछ बदल जाता है। अब सफलता-असफलता से खासा फर्क नहीं पड़ता। इंडस्ट्री को भी पता है कि मैं कहीं जाने वाला नहीं हूं। आज नहीं तो कल एक हिट दे ही दूंगा।

‘एक अच्छी फिल्म की आधी जीत उसकी कास्टिंग में होती है’
इन दिनों अरशद 'भागवत चैप्टर 1' मूवी में नजर आ रहे हैं, जिसमें उनके साथ अभिनेता जितेंद्र कुमार ने अहम भूमिका निभाई है। इस पर अरशद बोले कि मुझे थ्रिलर फिल्में बहुत पसंद हैं। ये स्क्रिप्ट मुझे सचमुच बहुत पसंद आई। मुझे ये बात बहुत दिलचस्प लगा कि मेरा किरदार एक ऐसे अपराधी के पीछे है, जो इतना चालाक है कि कोई सुराग नहीं छोड़ता।
उसे पकड़ना लगभग नामुमकिन है। जब मैंने कहानी सुनी तो मुझे लगा कि फिल्म वाकई कुछ अलग है। एक अच्छी फिल्म की आधी जीत उसकी कास्टिंग में होती है। अच्छी कास्टिंग आधा युद्ध जीतने के बराबर है। अगर सही अभिनेता को सही किरदार मिल जाए तो फिल्म अपने आप बेहतर हो जाती है। उल्लेखनीय है कि अरशद के हाथ में फिलहाल कई फिल्में हैं। एक ओर जहां वो 'हक' में नजर आएंगे, वहीं उनके पास फरहान अख्तर की फिल्म '120 बहादुर' और मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' भी है।














