उम्र बढ़ने के साथ त्वचा की चमक और बालों की सेहत में बदलाव नजर आना आम बात है। खासकर 35 की उम्र के बाद कई महिलाओं को त्वचा के रूखेपन, डलनेस, मुंहासों, फाइन लाइंस और रिंकल्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही हेयर फॉल, कमर या पैरों में दर्द और मूड में बदलाव जैसी परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में संतुलित खानपान शरीर के साथ त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
संदर्भ सामग्री में पांच तरह के बीजों से तैयार पाउडर को डाइट में शामिल करने की बात कही गई है। इसमें पंपकिन सीड्स, सनफ्लावर सीड्स, मस्कमेलन सीड्स, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स शामिल हैं। इन बीजों में मौजूद अलग-अलग पोषक तत्व शरीर को पोषण देने में मदद कर सकते हैं और त्वचा की सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, इसे त्वचा की उम्र बढ़ने को रोकने वाला इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
किन बीजों से तैयार होता है यह पाउडर?
इस मिश्रण को तैयार करने के लिए पांच तरह के सीड्स लेने की बात कही गई है:
पंपकिन सीड्स
सनफ्लावर सीड्स
मस्कमेलन सीड्स
चिया सीड्स
फ्लैक्स सीड्स
इन सभी बीजों को पहले अच्छी तरह ड्राई रोस्ट किया जाता है। इसके बाद इन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर तैयार किया जा सकता है। तैयार मिश्रण को एयरटाइट डिब्बे में रखने की सलाह दी गई है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, इसमें चिया सीड्स की मात्रा बाकी बीजों की तुलना में कम रखनी चाहिए।
रोजाना एक चम्मच लेने की बताई गई है सलाह
संदर्भ सामग्री में इस सीड्स पाउडर की रोजाना एक चम्मच मात्रा लेने का उल्लेख है। इसमें दावा किया गया है कि नियमित सेवन के कुछ समय बाद त्वचा और सेहत में फर्क नजर आ सकता है। हालांकि, किसी भी एक खाद्य मिश्रण से निश्चित समय में त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया रुकने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
अलसी के बीज से मिलते हैं ओमेगा-3 और फाइबर
फ्लैक्स सीड्स यानी अलसी पोषक तत्वों से भरपूर बीजों में शामिल है। संदर्भ सामग्री के अनुसार, इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिनोलिक एसिड जैसे कंपाउंड के साथ फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और मैंगनीज भी पाए जाते हैं।
इन पोषक तत्वों की वजह से अलसी को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। खासतौर पर इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।
चिया सीड्स में भी मौजूद हैं कई पोषक तत्व
चिया सीड्स को भी इस मिश्रण में शामिल किया गया है। इनमें फाइबर और ओमेगा-3 के साथ प्रोटीन, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं।
हालांकि, संदर्भ सामग्री में इस पाउडर को तैयार करते समय चिया सीड्स की मात्रा कम रखने की बात कही गई है।
पंपकिन और सनफ्लावर सीड्स से मिल सकते हैं पोषक तत्व
पंपकिन सीड्स में अमीनो एसिड्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। वहीं सनफ्लावर सीड्स भी प्रोटीन, आयरन, जिंक, फोलेट, विटामिन ई, फाइबर और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों का स्रोत बताए गए हैं।
संदर्भ सामग्री के अनुसार, 100 ग्राम सनफ्लावर सीड्स में 18.9 ग्राम प्रोटीन और 4.37 मिलीग्राम आयरन का उल्लेख किया गया है। ये पोषक तत्व शरीर के सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट करने के साथ त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
मस्कमेलन सीड्स भी हैं मिश्रण का हिस्सा
मस्कमेलन सीड्स को भी इस पांच-सीड्स मिश्रण में शामिल किया गया है। इन सभी बीजों को मिलाकर तैयार किया गया पाउडर डाइट में अतिरिक्त पोषक तत्व जोड़ने का एक विकल्प हो सकता है।
हालांकि, केवल इस पाउडर को खाने से रिंकल्स, फाइन लाइंस, हेयर फॉल या उम्र बढ़ने से जुड़ी अन्य समस्याएं पूरी तरह खत्म होने का दावा नहीं किया जा सकता। त्वचा और बालों की सेहत पर खानपान के साथ पूरी जीवनशैली का भी असर पड़ता है।
इस्तेमाल से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी नए खाद्य मिश्रण को रोजाना की डाइट में शामिल करने से पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या वह नियमित दवाएं ले रहा है, तो डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य हेल्थ प्रोफेशनल की सलाह लेना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध संदर्भ सामग्री के आधार पर सामान्य जानकारी के लिए तैयार किया गया है। इसे किसी बीमारी के इलाज या त्वचा की उम्र बढ़ने को रोकने का चिकित्सकीय उपाय न मानें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या डाइट में बड़े बदलाव के लिए डॉक्टर की सलाह लें।
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