न्यूज़
CJP Yogi Adityanath Jyotish Narendra Modi Rahul Gandhi

रक्षाबंधन 2025: अभिजित मुहूर्त से लेकर पूरे दिन के शुभ समय तक, जानें कब और कैसे बांधें राखी

रक्षाबंधन 2025 पर जानें अभिजित मुहूर्त, शुभ समय और सही विधि से राखी बांधने की परंपरा। पौराणिक कथा, पूजा विधि और दिनभर के मंगलकारी समय की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Sat, 09 Aug 2025 10:34:57

रक्षाबंधन 2025: अभिजित मुहूर्त से लेकर पूरे दिन के शुभ समय तक, जानें कब और कैसे बांधें राखी

रक्षाबंधन का पावन पर्व आज पूरे देश में हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र, खुशहाली और समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई बहन की रक्षा का वचन देता है। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट स्नेह और विश्वास का प्रतीक है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता लक्ष्मी ने इसी दिन असुरराज बलि को रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें भाई का दर्जा दिया था। उस समय भगवान विष्णु वामन अवतार में राजा बलि के पास रह रहे थे। लक्ष्मीजी ने बलि से वचन लिया कि वे भगवान को उनके साथ लौटने देंगे। तभी से यह पर्व वचन, विश्वास और प्रेम का प्रतीक बन गया।

रक्षा सूत्र बांधते समय परंपरागत रूप से यह मंत्र बोला जाता है—

"येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल,
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।"

इस मंत्र का अर्थ है— जैसे यह रक्षा सूत्र बलशाली राजा बलि को बांधा गया था, वैसे ही मैं तुम्हें बांध रही हूं, तुम अडिग रहो और सदा रक्षा करते रहो।

ग्रंथों में यह भी वर्णित है कि रक्षाबंधन के दिन ब्राह्मण अपने यजमानों को रक्षा सूत्र बांधते हैं और उनके कल्याण, दीर्घायु और श्रीवृद्धि की कामना करते हैं। बदले में यजमान अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान देकर आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कई क्षेत्रों में जीवित है।

रक्षाबंधन 2025 का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि आज दोपहर 1:24 बजे तक रहेगी। राखी बांधने का मुख्य और श्रेष्ठ समय सुबह सूर्योदय 5:27 बजे से लेकर 1:24 बजे तक रहेगा। इस वर्ष खास बात यह है कि भद्रा काल का कोई प्रभाव नहीं रहेगा, इसलिए दिनभर राखी बांधना शुभ माना जाएगा।

पूरे दिन और रात को इस पर्व के लिए शुभ माना गया है, लेकिन सर्वश्रेष्ठ समय अभिजित मुहूर्त होगा, जो दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में अभिजित मुहूर्त को अत्यंत मंगलकारी और सफलता देने वाला माना गया है।

पहले देवताओं को बांधें राखी

परंपरा के अनुसार, राखी बांधने की शुरुआत देवताओं से की जाती है। सबसे पहले गणेश भगवान, फिर भगवान कृष्ण को राखी अर्पित करें और उसके बाद भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें।

भाई को राखी बांधते समय उसकी दाहिनी कलाई पर राखी रखें, उसके हाथ की हथेली में अक्षत (चावल) और इलायची रखें और उसे मुट्ठी बंद करने को कहें। राखी बांधने के बाद ये अक्षत और इलायची भाई अपने लॉकर या तिजोरी में रख सकता है। मान्यता है कि इससे उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

रक्षाबंधन केवल उपहारों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह भावनाओं, परंपराओं और आशीर्वाद का संगम है। आज का दिन इस रिश्ते की मिठास को और गहरा करने का सर्वोत्तम अवसर है।

राज्य
View More

Shorts see more

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

चिया सीड्स के साथ भूलकर भी न खाएं ये 9 चीजें, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

  • चिया सीड्स हेल्दी हैं, सही कॉम्बिनेशन जरूरी
  • कुछ फूड्स के साथ सेवन से असर कम या पाचन खराब हो सकता है
  • डेयरी, शुगर, हाई फाइबर और ठंडी/नशीली चीजें बचें
read more

ताजा खबरें
View More

PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
PM मोदी ने एकतानगर में ₹400 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का किया उद्घाटन, IRCTC होटल समेत कई सुविधाएं शुरू
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
विपक्ष की एकजुटता में कहां पड़ रही दरार? 1 नवंबर की रैली में शामिल नहीं होंगी ये पार्टियां
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
कॉकरोच जनता पार्टी की दिवाली पार्टी में जुटेंगे विपक्षी नेता, दीपके और रांका की मौजूदगी पर भी नजर
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘कल मिलते हैं, साथ चलते हैं’, राहुल गांधी ने साझा किया रैली का रूट मैप
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
‘CEC को जाना ही होगा, SIR पर रोक लगानी होगी’, नेहा बोरा ने रामलीला मैदान रैली से पहले किया बड़ा ऐलान
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
दिल्ली : मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, 4 मजदूरों की मौत, 2 गंभीर
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
सोना ₹12,300 और चांदी ₹48,000 सस्ती, अक्टूबर में Gold-Silver की कीमतों में बड़ी गिरावट
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमने का बना रहे हैं प्लान? जान लें टिकट का चार्ज, समय और पहुंचने का आसान रास्ता
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
शरीर में विटामिन D की कमी होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण, समय रहते ऐसे करें पहचान
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
इतिहास, समुद्र और एडवेंचर का संगम है इजरायल, घूमने के लिए ये 7 जगहें हैं खास
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
हफ्ते में दो बार मछली खाने की सलाह क्यों देते हैं विशेषज्ञ? जानें कौन-सी मछली है बेहतर
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
अकेले सफर का है शौक तो इन बातों को न करें नजरअंदाज, सुरक्षित रहेगी आपकी यात्रा
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
खाते वक्त बार-बार दांतों के बीच आ रही है जीभ? शरीर में इन कमियों का हो सकता है संकेत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत
कभी नीली तो कभी फिरोजी नजर आती है पैंगोंग झील, जानें इस खूबसूरत जगह की खासियत