पाकिस्तान के कराची में बड़ा आतंकी हमला, 4 रेंजर्स की मौत, 5 हमलावर मारे गए; जानिए कैसे रची गई पूरी साजिश

पाकिस्तान के कराची शहर में शनिवार देर रात एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार, कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर क्षेत्र में यूनिवर्सिटी रोड के निकट जोरदार विस्फोटों और भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं। अचानक हुए इस हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में भय फैल गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हमले में पाकिस्तान रेंजर्स के चार जवानों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकियों को मार गिराया गया। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'जमात-उल-अहरार' ने ली है। सुरक्षा एजेंसियां इसे हाल के समय के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक मान रही हैं।

पहले से तैयार थी हमले की पूरी रणनीति

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कराची में हुए इस आत्मघाती हमले की योजना काफी पहले से और बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी। आतंकियों ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीधे सिंध रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से टकरा दिया। विस्फोट के तुरंत बाद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे सुरक्षा बलों को शुरुआती क्षणों में संभलने का मौका नहीं मिला। अचानक हुए हमले में चार रेंजर्स जवान मौके पर ही मारे गए। हालांकि कुछ ही देर में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए पांच आतंकियों को ढेर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, रेंजर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त टुकड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़

बताया जा रहा है कि हमला रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुआ। विस्फोटकों से भरी गाड़ी जैसे ही सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री मुख्यालय के मुख्य गेट से टकराई, जोरदार धमाका हुआ और प्रवेश द्वार को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद आतंकी परिसर के अंदर घुस गए और लगातार फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने केवल गोलियां ही नहीं चलाईं, बल्कि कई ग्रेनेड भी फेंके, जिससे परिसर में लगातार विस्फोट होते रहे।

हमले की सूचना मिलते ही कराची पुलिस, स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट, एंटी टेररिस्ट फोर्स और रेंजर्स के जवानों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। दोनों पक्षों के बीच लगभग 90 मिनट तक भीषण गोलीबारी होती रही। आखिरकार सुरक्षा बलों ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। इस कार्रवाई में पांच आतंकवादी मारे गए, जबकि एक संदिग्ध आतंकी को जीवित गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

जमात-उल-अहरार ने ली हमले की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार, कराची में हुए इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़ा संगठन माना जाता है। यह आतंकी समूह मुख्य रूप से अफगानिस्तान सीमा से सटे खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में सक्रिय रहा है और इससे पहले भी पाकिस्तान में कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे चुका है।

संगठन की ओर से दावा किया गया है कि इस पूरे ऑपरेशन में कुल नौ आतंकी शामिल थे। हालांकि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमलावरों को स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की मदद मिली थी या नहीं।

पूरे इलाके में जारी है सघन सर्च ऑपरेशन

आतंकी हमले के बाद कराची में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कड़ी कर दी गई है। गुलिस्तान-ए-जौहर और यूनिवर्सिटी रोड के आसपास के पूरे इलाके को रातोंरात सुरक्षा बलों ने घेरकर सील कर दिया। लोगों को एहतियात के तौर पर घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां भी स्थापित की गईं।

इस घटना के बाद सिंध के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिरीक्षक ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं और कराची पुलिस हमले के पीछे मौजूद नेटवर्क, साजिशकर्ताओं और संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हमले से जुड़े सभी तथ्यों का स्पष्ट खुलासा किया जाएगा।