सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में ले जाने की मांग, पत्नी गीतांजलि ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लिखा पत्र; जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर जताई चिंता

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन से उन्हें किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया कि अब तक सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई दिनों से उनकी सेहत की निगरानी कर रहे निजी डॉक्टरों को भी अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

पत्र में परिवार ने इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अस्पताल पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने बेहतर चिकित्सा सुविधा और स्वतंत्र चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए वांगचुक को किसी दूसरे मेडिकल सेंटर में शिफ्ट करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। इस बीच सफदरजंग अस्पताल, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।

पोटेशियम स्तर में गिरावट पर उठाए सवाल

गीतांजलि डी. अंगमो ने अपने पत्र में दावा किया कि शनिवार सुबह अस्पताल की मेडिकल टीम ने उन्हें जानकारी दी कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले 17 जुलाई की शाम करीब 4:16 बजे हुई जांच में यह स्तर 4.3 दर्ज किया गया था।

पत्र में कहा गया कि इतने कम समय में पोटेशियम स्तर में आई इस बड़ी गिरावट ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने इस बदलाव के कारणों को लेकर भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की और कहा कि मरीज की स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी हर जानकारी परिजनों के साथ साझा की जानी चाहिए।
मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं करने का लगाया आरोप

वांगचुक की पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मेडिकल जांच रिपोर्ट की डिजिटल और प्रिंट कॉपी देने का अनुरोध किया था, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि मरीज और उसके परिवार को उपचार से संबंधित जानकारी मिलना उनका अधिकार है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले करीब 20 दिनों से सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर रहे चिकित्सकों को भी अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि इससे इलाज की पारदर्शिता को लेकर उनकी चिंता और बढ़ गई है।

दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की तैयारी

पत्र में परिवार ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों और मेडिकल जानकारी साझा नहीं किए जाने के कारण उनका अस्पताल प्रशासन पर विश्वास पहले जैसा नहीं रहा। ऐसे में उन्होंने वांगचुक को किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित कर बेहतर इलाज और विस्तृत चिकित्सकीय जांच कराने का निर्णय लिया है।

इसके लिए अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द डिस्चार्ज और ट्रांसफर से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि बिना किसी अनावश्यक देरी के उन्हें दूसरे चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया जा सके।

अस्पताल पहुंचने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

शनिवार को भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अस्पताल परिसर के साथ-साथ जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया।

स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

दिल्ली पुलिस ने दी अपनी सफाई

नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश, डॉक्टरों की सलाह और सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल ले जाते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में व्यवधान डालने की कोशिश की थी, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कराई गई। पुलिस ने लाठीचार्ज या बल प्रयोग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया और न ही किसी के साथ दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और जंतर-मंतर क्षेत्र को शांतिपूर्वक खाली करने की अपील भी की।