पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक अहम प्रशासनिक कदम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार संपन्न हुआ। राज्य में सत्ता परिवर्तन के करीब 22 दिनों बाद हुए इस विस्तार को सरकार के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने कुल 35 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस नए मंत्रिमंडल में भाजपा के कई वरिष्ठ और चर्चित चेहरे भी शामिल किए गए हैं।
तापस रॉय, दीपक बर्मन और कई दिग्गज बने नए मंत्रीनए मंत्रियों की सूची में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें तापस रॉय, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरीशंकर घोष, दीपक बर्मन, अरूप कुमार दास, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, शंकर घोष और दूधकुमार मंडल जैसे नेता शामिल हैं। इनके अलावा जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, अजय पोद्दार, शरद्वत मुखर्जी और अनुप कुमार दास को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों की सूची भी जारीस्वतंत्र प्रभार के साथ जिन नेताओं ने शपथ ली है, उनमें डॉ. इंद्रनील खान, मालती राभा रॉय और राजेश महतो का नाम प्रमुख है। इन मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक विभागों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
राज्य मंत्रियों की लंबी सूची में कई नए चेहरेराज्य मंत्री के रूप में जिन नेताओं को शामिल किया गया है, उनमें अशोक डिंडा, जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, शांतनु प्रमाणिक, उमेश राय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, भास्कर भट्टाचार्य, कलिता माझी, बिराज विश्वास, आनंदमय बर्मन, विशाल लामा, दीपांकर जाना और अन्य कई नाम शामिल हैं। इसके अलावा नादियार चंद बाउरी, मौमिता बिस्वास मिश्रा, कौशिक चौधरी, दिवाकर घरामी, अमिया किस्कू, गर्गी दास घोष और सुमना सरकार को भी राज्य मंत्री बनाया गया है।
35 मंत्रियों की पूरी संरचना सामने आईइस शपथ ग्रहण के साथ कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें संरचना इस प्रकार रही—
कैबिनेट मंत्री: 13
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): 3
राज्य मंत्री: 19
विभागों के बंटवारे का इंतजार जारीहालांकि पूरे मंत्रिमंडल की तस्वीर अब साफ हो चुकी है, लेकिन अभी तक विभागों का आधिकारिक बंटवारा नहीं किया गया है। किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलेगा, इस पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार विभागों की सूची जारी कर सकती है, जिसके बाद प्रशासनिक ढांचे की असली तस्वीर सामने आएगी।