दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार देर रात प्रदर्शनकारी केरल हाउस से निकलकर एक बार फिर जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से तंबू, मंच और अन्य सुविधाएं हटाकर जगह खाली करा दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने अंधेरे में ही अपना विरोध जारी रखा। इसी बीच CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उनसे कहा था कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा कर उन्हें जवाब देंगे, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
जेपी नड्डा से मुलाकात से पहले दो घंटे कराया गया इंतजारआशुतोष रांका ने बताया कि वह और सौरभ दास प्रदर्शनकारियों की ओर से प्रतिनिधि बनकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पहुंचे थे। उनके मुताबिक, दोनों को करीब दो घंटे तक बाहर इंतजार कराया गया। इस दौरान उन्हें मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं थी। लंबा इंतजार करने के बाद आखिरकार उनकी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात हुई, जहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगों को विस्तार से रखा।
सरकार ने विचार का आश्वासन दिया, लेकिन जवाब का इंतजार जारीरांका ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने जैसी मांगें सरकार के सामने रखीं। उनका कहना है कि जेपी नड्डा ने इन सभी मुद्दों पर शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने और उसके बाद जवाब देने का भरोसा दिया था। हालांकि, देर रात तक सरकार की ओर से कोई संदेश या निर्णय प्रदर्शनकारियों को नहीं मिला।
अभिजीत दीपके ने बातचीत के लिए रखी नई शर्तइस बीच CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने बातचीत को लेकर नई शर्त रख दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब संगठन सरकार या पुलिस के पास बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार संवाद करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधियों को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात करनी होगी। सोमवार देर रात जंतर-मंतर पर दोबारा जुटे समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका ने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प दोहराया।
पुलिस कार्रवाई के बाद भी फिर भर गया जंतर-मंतरगौरतलब है कि संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम तक जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल को पूरी तरह खाली करा दिया था। पुलिस ने वहां से मंच, टेंट, तंबू, काली तिरपाल, कैंप, बैनर, पोस्टर, कालीन और गद्दों सहित सभी अस्थायी ढांचों को हटा दिया था। इसके बावजूद देर रात प्रदर्शनकारी केरल हाउस से दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे और एक बार फिर बड़ी संख्या में वहां एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
फिर से मंच तैयार करने की तैयारी, आंदोलन जारी रखने का ऐलानCJP के स्वयंसेवकों का कहना है कि वे जल्द ही धरना स्थल पर नया मंच तैयार करेंगे और आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जंतर-मंतर के अलावा राजधानी के किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कुछ लोग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी न होने से निराश नजर आए, जबकि कई अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका हौसला पहले से ज्यादा मजबूत है और वे अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।