केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर निकाले गए CJP के 'चलो संसद' मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। डिंपल यादव का दावा है कि छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, उनके कपड़े तक फाड़े गए और कुछ पुलिसकर्मियों ने कानून के बजाय 'गुंडों' जैसा व्यवहार किया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए इसे देश के इतिहास का काला दिन करार दिया।
'लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के रूप में याद रखा जाएगा'मीडिया से बातचीत के दौरान डिंपल यादव ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने पहुंचे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, आज छात्रों को बेरहमी से पीटा गया। यह दिन लोकतंत्र और हमारे देश के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले कुछ पुलिसकर्मियों ने अपनी नेम प्लेट हटा दी थी और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया।
छात्रों को करंट देने और सीने पर लाठी मारने का आरोपसपा सांसद ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ लोग सादे कपड़ों में भी मौजूद थे, जिन्होंने छात्रों के साथ मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों को बिजली के झटके दिए गए और पुलिस ने तय नियमों का पालन करने के बजाय उनके पैरों की जगह सीने पर लाठियां बरसाईं। डिंपल यादव ने कहा, आज भारत माता के सीने पर सीधा प्रहार किया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का भी लगाया आरोपडिंपल यादव ने कहा कि उनकी मुलाकात प्रदर्शन में शामिल कई छात्राओं से हुई, जिनके कपड़े फटे हुए थे। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा, क्या यही नया भारत है, जहां अपनी मांग रखने आई बेटियों के कपड़े फाड़े जाते हैं? उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार को पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार संविधान की भावना के बजाय आरएसएस की विचारधारा के अनुसार देश चलाने का प्रयास कर रही है।
संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाईसोमवार को CJP के नेतृत्व में निकाले गए संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संसद मार्ग की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए थे। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में कुछ प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस क्षेत्र तक पहुंच गए, जहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
संसद और सड़क दोनों जगह उठाएगा विपक्ष मुद्दाडिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष इस पूरे मामले को केवल सड़क तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि संसद के भीतर भी मजबूती से उठाएगा। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार से जवाब मांगने के बाद विपक्षी दल दोबारा जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करने और उनके समर्थन में आवाज उठाने का प्रयास करेंगे। उनके मुताबिक, छात्रों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर विपक्ष आगे भी अपना विरोध जारी रखेगा।