दिल्ली में सोमवार को 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद और पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल लगातार तेज बनी हुई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने पहले दोबारा संसद मार्च करने की घोषणा की थी, लेकिन मंगलवार को उन्होंने अपने फैसले में बदलाव करते हुए कहा कि फिलहाल संसद कूच नहीं किया जाएगा। उधर, सोमवार शाम दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल को खाली कराते हुए टेंट और अन्य अस्थायी ढांचे हटवा दिए थे। इसके बावजूद रात करीब 10 बजे से प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंचने लगे और दोबारा तंबू लगाकर धरना शुरू कर दिया। करीब छह घंटे बाद अभिजीत दीपके भी धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
RML अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों का जाना हालआम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक लाठीचार्ज में घायल सात छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। अन्य छात्रों की हालत में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने की तैयारी की गई है।
केजरीवाल बोले- निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग दुर्भाग्यपूर्णअस्पताल से बाहर आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निहत्थे छात्रों के खिलाफ इस तरह की बर्बर कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार इस घटना में कई छात्र घायल हुए हैं और कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों पर इस तरह का बल प्रयोग उचित नहीं ठहराया जा सकता। केजरीवाल ने घायल छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
राज्यसभा में भी गूंजा प्रदर्शन का मुद्दाउधर, संसद के मानसून सत्र के दौरान भी यह मामला जोरदार तरीके से उठा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा सदन में उठाया। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिसके चलते सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। बढ़ते शोर-शराबे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद मार्च टला, प्रदर्शन जारी रखने का ऐलानअभिजीत दीपके ने सोमवार रात दोबारा संसद मार्च निकालने की घोषणा की थी, लेकिन मंगलवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल संसद कूच नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से इस फैसले को लेकर माफी भी मांगी। हालांकि उन्होंने दोहराया कि आंदोलन खत्म नहीं होगा और जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, विशेष रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला नहीं होता, तब तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।