लोकसभा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सोमवार को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद संसद परिसर के भीतर बने हालात को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान संसद के अंदर मौजूद सांसदों के बीच काफी तनाव और भय का माहौल था। कंगना के अनुसार, कई सांसदों को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुंच सकते हैं और स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित 'संसद चलो' मार्च के मद्देनजर संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार सहित पूरे परिसर की सुरक्षा पहले से ही कड़ी कर दी गई थी।
'सभी सांसद अंदर ही रह गए, बाहर निकलना मुश्किल हो गया था'भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने कहा कि उस समय संसद के भीतर मौजूद सभी लोग काफी चिंतित थे। उनके मुताबिक सुरक्षा कारणों से संसद के कई गेट बंद कर दिए गए थे, जिसके चलते सांसदों की आवाजाही भी सीमित हो गई थी। उन्होंने कहा, हम सभी अंदर ही थे और कहीं भी आसानी से नहीं जा पा रहे थे। जिस तरह भीड़ आगे बढ़ रही थी, उसे देखकर एक समय ऐसा लगा कि कहीं हमला न हो जाए। माहौल बेहद तनावपूर्ण था। कंगना ने इस दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा कवच बनकर स्थिति को संभाला और कई जवानों ने पथराव के दौरान चोटें भी झेलीं।
संसद मार्च के दौरान हुई झड़प, दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोपसोमवार को जंतर-मंतर से शुरू हुए CJP के 'संसद चलो' मार्च में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए। हालांकि इलाके में पहले से ही बहुस्तरीय बैरिकेडिंग, अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू थी। जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की, तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग का सहारा लिया। घटना के बाद हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारी और दिल्ली पुलिस दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
CJP ने लगाया अत्यधिक बल प्रयोग का आरोपकॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हो गए। संगठन का यह भी दावा है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के साथ धक्का-मुक्की की गई। पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से धरना स्थल हटाए जाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने केरल हाउस के समीप अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने सभी दावों को किया खारिजCJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्रों के सिर फट गए और एक 15 वर्षीय किशोरी के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। दीपके ने यह आरोप भी लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने गीतांजलि जे. अंगमो के बाल पकड़ने का प्रयास किया और उन्हें लाठी से मारने तथा वाहन से बाहर खींचने की कोशिश की।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि गीतांजलि अंगमो के साथ मारपीट या बाल खींचने जैसी घटनाओं के दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। पुलिस के अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ जानबूझकर दुर्व्यवहार नहीं किया गया और दुर्भावनापूर्ण बल प्रयोग से जुड़े सभी आरोप निराधार हैं।