चुनाव हार के बाद ममता बनर्जी का तीखा बयान, बोलीं- “मुझसे जबरन इस्तीफा नहीं लिया जा सकता”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में करारी शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार मीडिया के सामने आकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी दबाव में आकर राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी और न ही कोई उनसे जबरदस्ती पद छोड़ने की उम्मीद रखे। ममता बनर्जी ने दावा किया कि भवानीपुर सीट पर उन्हें जानबूझकर हराने की साजिश रची गई और चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

“भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर साजिश की” – ममता बनर्जी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस पूरे चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित किया और कई तरह के हथकंडे अपनाकर जीत हासिल की। उनके अनुसार यह उनके राजनीतिक जीवन का सबसे विवादित और असामान्य चुनाव रहा है, जिसमें करीब 100 सीटों पर कथित तौर पर गड़बड़ी की गई।

INDIA गठबंधन पर भरोसा, कई नेताओं से मिली समर्थन की बात

ममता बनर्जी ने आगे बताया कि चुनाव परिणाम के बाद उन्हें INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं के फोन आए, जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी सहयोगियों ने उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया है और आने वाले समय में यह एकजुटता और मजबूत होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि अखिलेश यादव उनसे मिलने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल अगले दिन आने का सुझाव दिया है। ममता के अनुसार, उनका उद्देश्य विपक्षी एकता को और मजबूत करना है और वह उसी दिशा में काम करेंगी।
“अब मैं एक आज़ाद पंछी हूं” – ममता बनर्जी

TMC प्रमुख ने अपने बयान में भावुक अंदाज में कहा कि अब उनके पास कोई संवैधानिक पद नहीं है, इसलिए वह खुद को एक आम नागरिक मानती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने किसी भी तरह का व्यक्तिगत लाभ नहीं लिया और पूरी तरह जनता की सेवा को समर्पित रहीं।

ममता बनर्जी ने कहा कि अब वह बिना किसी पद के “आज़ाद पंछी” की तरह हैं और पूरी तरह से जनता और विपक्षी एकता के लिए काम करेंगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि वह आगे भी INDIA गठबंधन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

“चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर खेल खेला” – गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस चुनाव में संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन में भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि मतदान के बाद EVM की स्थिति और प्रशासनिक फैसलों को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

उनके अनुसार चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं, छापेमारी की गई और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में बदलाव किए गए। ममता ने आरोप लगाया कि 90 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए और बाद में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 32 लाख नाम दोबारा जोड़े गए।

उन्होंने इसे “भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत” बताते हुए कहा कि यह पूरा चुनाव निष्पक्ष नहीं था और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा।

पहले भी लगाए थे गंभीर आरोप

गौरतलब है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी ने मतगणना केंद्र के अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी के आरोप लगाए थे। उनके ताजा बयान ने चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है।