अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है। ट्रस्ट से चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि हो गई है। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने ट्रस्ट से चंपत राय के इस्तीफे की पुष्टि की है। बता दें कि ये खबर तो पहले भी आई थी कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन अब इस खबर की आधिकारिक पुष्टि भी हो गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से बयान जारीइस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट का भी बयान सामने आया है। ट्रस्ट ने बताया है कि चंपत राय का इस्तीफा प्राप्त हुआ है। अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा सौंपा है।
राम मंदिर ट्रस्ट में हालिया घटनाक्रम के बीच एक अहम प्रशासनिक बदलाव की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चंपत राय के साथ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का त्यागपत्र भी न्यास को प्राप्त हो चुका है। अब इन दोनों इस्तीफों पर 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी बैठक में नए महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी फैसला लिया जा सकता है।
ट्रस्ट ने जारी किया आधिकारिक बयानराम मंदिर ट्रस्ट ने इस पूरे घटनाक्रम पर औपचारिक बयान जारी करते हुए कहा कि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के त्यागपत्र न्यास को प्राप्त हो गए हैं। ट्रस्ट के अनुसार, इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय आगामी बैठक में लिया जाएगा।
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि की ओर से जारी पत्र में कहा गया, श्रीराम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों से सामने आई घटनाओं से हम सभी स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी हैं। रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हम सभी निष्पक्ष जांच कराने तथा श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त हुए हैं, जिन पर आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को ट्रस्ट ने दिया भरोसाट्रस्ट ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि जिन श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की सेवा के लिए चांदी की ईंटें, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं व्यक्तिगत रूप से ट्रस्ट के अधिकारियों को सौंपी हैं, वे सभी सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है।
इसके साथ ही ट्रस्ट ने कहा कि मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में न्यास के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है और कानूनी प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाईअपने बयान में ट्रस्ट ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। न्यास ने यह भी दोहराया कि मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक और स्वार्थी तत्व सनातन धर्म की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। साथ ही लोगों से अनुरोध किया गया कि वे किसी भी भ्रामक या अपुष्ट अफवाह पर विश्वास न करें और दूसरों को भी इससे बचाएं। ट्रस्ट ने विश्वास जताया कि सत्य सामने आएगा और श्रीराम के प्रति श्रद्धा और विश्वास की धारा पहले की तरह अविरल बनी रहेगी।
11 जुलाई की बैठक होगी बेहद अहमचढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद सामने आए इस्तीफों पर राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य एवं उडुपी पीठाधीश्वर विश्वतीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की नियमित त्रैमासिक बैठक 11 जुलाई को आयोजित होगी। इसी बैठक में पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और जांच से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रस्ट प्रशासन में आवश्यक बदलावों पर भी विचार होगा।
नए महासचिव और CEO की नियुक्ति संभवसूत्रों के अनुसार, 11 जुलाई को होने वाली बैठक केवल इस्तीफों पर विचार तक सीमित नहीं रह सकती। संभावना जताई जा रही है कि इसी बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव का चयन किया जाएगा। इसके अलावा डॉ. अनिल मिश्रा के स्थान पर नए सदस्य को शामिल करने पर भी चर्चा हो सकती है।
इतना ही नहीं, राम मंदिर परिसर के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति का प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल हो सकता है। ऐसे में 11 जुलाई की बैठक राम मंदिर ट्रस्ट के भविष्य के संगठनात्मक ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रमुख बातें एक नजर मेंराम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय के इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
ट्रस्ट ने बताया कि डॉ. अनिल मिश्रा का त्यागपत्र भी प्राप्त हो चुका है।
दोनों इस्तीफों पर 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में फैसला लिया जाएगा।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई चांदी, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
बैठक में नए महासचिव, नए ट्रस्टी और संभावित CEO की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अफवाहों से दूर रहने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।