लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की कथित चोरी के मामले ने अब राजनीतिक रंग और भी गहरा कर दिया है। एक ओर पुलिस और एसआईटी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगातार सवाल उठा रहा है। इसी कड़ी में अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधा है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: अवधेश प्रसादश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह मामला केवल अयोध्या या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश की आस्था से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार देशभर से करोड़ों श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या आते हैं, इसलिए मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को सामान्य चोरी मानकर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस तरह के आरोप सामने आए हैं, उसे लोग डकैती जैसा गंभीर मामला बता रहे हैं।
न्यायिक जांच की भी उठाई मांगसपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय और न्यायिक जांच बेहद जरूरी है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और उसकी निगरानी में एक स्वतंत्र जांच टीम गठित की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही इस मामले की जांच शुरू हुई थी, उसी समय चंपत राय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि पहले से अनियमितताओं की जानकारी थी, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों को उसी समय पद छोड़ देना चाहिए था।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर साधा निशानासमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि भाजपा का लंकाकांड अयोध्या में ही सामने आएगा और प्रभु श्रीराम की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अहंकार की चमकती हुई लंका का अंत भी तय है और उसके लंकाधिपति का भी।
दूसरी पोस्ट में भ्रष्टाचार पर कसा तंजएक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि जो लोग दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात करते हैं, उनकी अपनी नीयत पर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लालच ने सब कुछ बदल दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि गणित पढ़ने का क्या लाभ, जब गिनती में ही गड़बड़ी हो जाए, सोने-चांदी की तौल में कमी हो, आभूषण गायब हो जाएं और भ्रष्टाचार का अंधेरा हर ओर फैल जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल अंधेरा नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की गहरी खाई बन चुकी है।
आठ आरोपी जेल में, एसआईटी जांच में सामने आए कई अहम तथ्यराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच और एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसी बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शुरुआती जांच में सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, आठ आरोपियों में से सात के कब्जे से अब तक लगभग 79 लाख 84 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। एसआईटी ने जांच के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून तक की करीब 45 दिनों की सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच एजेंसी के अनुसार इन फुटेज में आरोपी लगभग 70 अलग-अलग अवसरों पर चोरी करते हुए दिखाई दिए हैं। अब इस पूरे मामले में अदालत में अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है, जहां जांच से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी चर्चा होने की संभावना है।