नोएडा एयरपोर्ट में होंगे ये 10 खास फीचर्स, चेक-इन में नहीं लगेगी लंबी कतार, सामान ऐप से तुरंत ट्रैक होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च, शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। पहले फेज का निवेश 11,282 करोड़ रुपये में हुआ है, जबकि पूरे एयरपोर्ट की कुल लागत 29,560 करोड़ रुपये है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में कदम है। उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी कार्गो टर्मिनल का भी लोकार्पण करेंगे।

पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल तैयार किया गया है। साथ ही कार्गो टर्मिनल की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। पीएम मोदी मेन्टेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) फैसिलिटी का उद्घाटन भी करेंगे। 40 एकड़ में फैली इस सुविधा से घरेलू विमानों की मेंटेनेंस में मदद मिलेगी और एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। एयरपोर्ट को देश का सबसे आधुनिक और डिजिटल-फर्स्ट एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई गई है।
नोएडा एयरपोर्ट में 10 खास फीचर्स:

100% डिजिटल यात्रा: प्रवेश से लेकर बोर्डिंग तक पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। चेहरा ही टिकट की जगह काम करेगा। सुरक्षा जांच और बोर्डिंग गेट्स पर ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक सिस्टम लगे हैं, जिससे लंबी कतारों से निजात मिलेगी।

स्मार्ट बैगेज ट्रैकिंग: यात्रियों के स्मार्टफोन ऐप के जरिए उनका बैग कहां है, यह पता चलेगा—चेक-इन काउंटर, विमान या बैल्ट पर। सामान खोने या देर होने की चिंता कम होगी।

इन-डोर नेविगेशन ऐप: एयरपोर्ट ऐप यात्रियों को गेट, लाउंज या ड्यूटी-फ्री शॉप तक पहुंचने का आसान और सटीक मार्ग बताएगा।

कॉन्टैक्टलेस सेल्फ सर्विस: यात्रियों को सामान टैग करने और चेक-इन मशीन में डालने की सुविधा मिलेगी। डिजिटल कियोस्क पर AI-पावर्ड असिस्टेंट उनकी मदद करेंगे।

स्मार्ट पार्किंग और EV चार्जिंग: यात्री घर से ही ऐप पर पार्किंग स्लॉट बुक कर सकते हैं। शुल्क फास्ट टैग से चुकाया जाएगा, जिससे गेट पर रुकना नहीं पड़ेगा।

नेट-जीरो और ग्रीन ऑपरेशन: एयरपोर्ट के डिजिटल ट्विन सॉफ्टवेयर से ऊर्जा और पानी की खपत मॉनिटर होगी। बड़े सोलर पैनल से पूरी बिजली एयरपोर्ट की जरूरत पूरी होगी।

कम से कम टर्निंग टाइम:
रनवे और टैक्सी-वे इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि विमान लैंडिंग के बाद जल्दी उड़ान भरने के लिए तैयार होंगे, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।

इन-डोर ग्रीन फॉरेस्ट: टर्मिनल के अंदर आर्टिफिशियल फॉरेस्ट और वॉटरफॉल होंगे, जो सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट जैसा अनुभव देंगे।

ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर:
टर्मिनल के सामने मल्टी-मॉडल सेंटर, जिसमें मेट्रो, RRTS, बसें और टैक्सी उपलब्ध होंगी। यात्री को लंबी दूरी पैदल नहीं चलनी पड़ेगी।

स्विस तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम: डिजाइन ज्यूरिख एयरपोर्ट तकनीक पर आधारित है, लेकिन वास्तुकला में वाराणसी घाट और भारतीय संस्कृति की झलक मिलेगी।

नोएडा एयरपोर्ट इन सुविधाओं के साथ न केवल यात्री अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि उत्तर भारत को वैश्विक विमानन मानचित्र पर मजबूत जगह दिलाने में मदद करेगा।