जन्मदिन की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं, दो सहेलियों समेत तीन की सड़क हादसे में मौत; गांव में पसरा सन्नाटा

अजमेर जिले के बांदनवाड़ा क्षेत्र के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। जिस परिवार में जन्मदिन को लेकर खुशियों का माहौल था, वहीं कुछ घंटों बाद दर्द और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने हुई टक्कर में दो छात्राओं और एक युवक की जान चली गई। हादसा इतना भयावह था कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को जब दोनों छात्राओं के पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि ग्रामीण भी इस दुखद घटना से स्तब्ध नजर आए।

साथ पढ़ती थीं, साथ ही निकली अंतिम यात्रा

इस दर्दनाक हादसे का सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब दोनों सहेलियों की अर्थियां एक साथ उठीं। दोनों छात्राएं लंबे समय से एक-दूसरे की करीबी मित्र थीं और रोजाना साथ में कोचिंग पढ़ने जाया करती थीं। पढ़ाई से लेकर जीवन के छोटे-बड़े सपनों तक, दोनों ने हर सफर साथ तय किया था।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जो सहेलियां भविष्य के सुनहरे सपनों को साथ संजो रही थीं, उन्हें एक ही दिन एक साथ अंतिम विदाई दी गई। गांव की गलियों से निकली उनकी संयुक्त अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। हर चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया था।

अंतिम यात्रा के दौरान परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। कई लोगों ने इसे गांव के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक बताया।

जन्मदिन के दिन ही छिन गई जिंदगी

ग्रामीणों के अनुसार जिस दिन परिवार में जन्मदिन की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी दिन यह हादसा हो गया। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उत्सव का माहौल कुछ ही समय में मातम में बदल जाएगा। जन्मदिन के अवसर पर जहां घर में खुशी का वातावरण था, वहीं हादसे की खबर मिलते ही सब कुछ बदल गया।

परिवार के सदस्यों के लिए यह सदमा असहनीय साबित हुआ। जन्मदिन के दिन ही अपनों को खो देने का दर्द पूरे परिवार को भीतर तक झकझोर गया। हादसे ने न केवल मृतकों के परिजनों बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया।
पूरे क्षेत्र में शोक, लोगों की आंखें हुईं नम

इस दुर्घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साथ तीन युवाओं की मौत और दो सहेलियों का एक ही दिन अंतिम संस्कार होना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना है।

ग्रामीणों ने बताया कि दोनों छात्राएं पढ़ाई में अच्छी थीं और अपने भविष्य को लेकर कई सपने देख रही थीं। वहीं मृत युवक भी परिवार का सहारा माना जाता था। ऐसे में तीनों की असमय मौत ने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।

हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। लोग लगातार पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। हर किसी की जुबान पर यही बात है कि एक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे गांव को कभी न भूलने वाला दर्द दे गया।