योगी से तुलना पर सम्राट चौधरी का स्पष्ट जवाब, बोले- मैं सम्राट चौधरी हूं; अतिक्रमण होगा तो कार्रवाई तय

बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई और बुलडोजर अभियान को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में जहां भी अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। चाहे संबंधित व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अतिक्रमण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसी दौरान जब उनसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तुलना को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने संक्षिप्त लेकिन सटीक जवाब देते हुए कहा, “मेरा नाम सम्राट चौधरी है।” मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और इसे उनके स्वतंत्र नेतृत्व की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

मीडिया संवाद कार्यक्रम में दिया जवाब

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को पटना में एक विशेष मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम के औपचारिक संबोधन के बाद उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत भी की। इसी दौरान उनसे बिहार में चल रहे बुलडोजर अभियान और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर कई सवाल पूछे गए।

एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या बिहार में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ‘योगी मॉडल’ लागू किया जा रहा है और क्या उन्हें दूसरा योगी आदित्यनाथ माना जा सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मेरा नाम सम्राट चौधरी है।” इसके बाद उन्होंने दोहराया कि राज्य में कानून सभी के लिए समान है और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध कब्जों पर सख्ती का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सार्वजनिक भूमि और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई उद्योगपति, कारोबारी या प्रभावशाली व्यक्ति भी अवैध कब्जे में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी समान कार्रवाई की जाएगी।

उनका कहना था कि प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कानून के पालन में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी कारण राज्य के विभिन्न जिलों में लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

शपथ ग्रहण से ही चर्चा में रहा बुलडोजर अभियान

गौरतलब है कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता नीतीश कुमार ने लगभग दो दशक तक मुख्यमंत्री रहने के बाद 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी।

उनके शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भी पटना स्थित लोकभवन के बाहर समर्थकों द्वारा ‘बुलडोजर बाबा जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए थे। तभी से बिहार में बुलडोजर कार्रवाई और उत्तर प्रदेश मॉडल की तुलना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं।

हालांकि सम्राट चौधरी लगातार यह संदेश देने की कोशिश करते रहे हैं कि उनकी सरकार कानून के शासन और प्रशासनिक पारदर्शिता के आधार पर काम कर रही है।

गृह मंत्री रहते शुरू की थी मुहिम

मुख्यमंत्री बनने से पहले सम्राट चौधरी करीब पांच महीने तक बिहार सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उस दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस विभाग उनके अधीन था।

गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने गृह विभाग अपने पास ही रखा है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि कानून-व्यवस्था और अतिक्रमण विरोधी अभियान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

राज्य के कई शहरों और जिलों में लगातार प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। सरकारी भूमि, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

विपक्ष के आरोपों के बीच सरकार का सख्त रुख


विपक्षी दल लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बुलडोजर राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं।

इसके बावजूद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर अवैध कब्जे को संरक्षण न दिया जाए। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर है और प्रशासन बिना किसी दबाव के अपना काम करेगा।

इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सीमावर्ती जिलों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ तैयार की गई रणनीति पर भी राज्य प्रशासन काम कर रहा है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।