क्या कांग्रेस में होगा TMC का विलय? ममता बनर्जी की पार्टी में उठे सवालों पर कल्याण बनर्जी ने दिया जवाब, अभिषेक को बताया 'बेटे जैसा'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर हाल के दिनों में कई सांसदों और विधायकों के कथित असंतोष और बगावत की चर्चाओं के बीच यह अटकलें तेज हो गई थीं कि पार्टी का कांग्रेस में विलय हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में इन चर्चाओं को तब और हवा मिली जब हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से और अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इन मुलाकातों के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे।

लेकिन अब टीएमसी के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले कल्याण बनर्जी ने इन सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टीएमसी का कांग्रेस में किसी भी तरह का विलय नहीं होने जा रहा है।

टीएमसी प्रमुख Mamata Banerjee के भतीजे Abhishek Banerjee को लेकर भी कल्याण बनर्जी ने अपने रुख में नरमी दिखाई और उन्हें लेकर एक अलग ही भावनात्मक टिप्पणी की।

विलय की अटकलों पर कल्याण बनर्जी का कड़ा बयान

वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने मीडिया में चल रही विलय संबंधी रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी कांग्रेस के साथ किसी भी स्थिति में विलय नहीं करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो सांसद कथित तौर पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से संपर्क करने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें लेकर पार्टी गंभीर नहीं है।

कल्याण बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उन्हें जो करना है करने दें। वे अंततः भाजपा की शरण में ही जाएंगे। यह सब एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। वे अपने क्षेत्र के विकास की बात करते हैं, लेकिन जो लोग अपने क्षेत्रों में जा ही नहीं पा रहे, वे विकास की बात कैसे कर सकते हैं?”

उन्होंने आगे पश्चिम बंगाल की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री से बातचीत के बावजूद पिछले एक महीने में जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव नहीं दिखा है।

साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष पर दबाव बनाया जा रहा है और पुलिस प्रशासन के स्तर पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष के साथ पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं रही।
कीर्ति आजाद ने भी बताया विलय की खबरों को अफवाह

इसी बीच टीएमसी सांसद Kirti Azad ने भी कांग्रेस और टीएमसी के संभावित विलय की खबरों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की सभी चर्चाएं केवल अफवाह हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव टीएमसी और कांग्रेस एक गठबंधन के रूप में ही लड़ेंगे और मौजूदा गठबंधन पूरी तरह से बरकरार रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी में एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने दोहराया कि विलय की कोई संभावना नहीं है।

इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व की ओर से भी इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज किया जा चुका है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि दोनों दल फिलहाल गठबंधन की राजनीति पर ही आगे बढ़ रहे हैं।

अभिषेक बनर्जी पर बदला रुख, कल्याण ने कहा “बेटे जैसे हैं”

हाल ही में अभिषेक बनर्जी को लेकर तीखी बयानबाजी करने वाले कल्याण बनर्जी ने अब अपने स्वर में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने शनिवार को अभिषेक को लेकर कहा कि वह उन्हें अपने बेटे जैसा मानते हैं।

उन्होंने भावनात्मक लहजे में कहा, “वह मेरे बेटे जैसे हैं। पिता का कर्तव्य होता है कि बेटे की गलतियों को माफ करे। देश में लोकतंत्र खतरे में है और पश्चिम बंगाल में विपक्ष की स्थिति कमजोर हो रही है।”

यह बयान उनके पहले के रुख से बिल्कुल अलग माना जा रहा है, जिससे पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों पर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

24 घंटे पहले ही लगाए थे गंभीर आरोप

दिलचस्प बात यह है कि इसी घटनाक्रम से महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर तीखे आरोप लगाए थे। उन्होंने उन पर अहंकारी व्यवहार अपनाने का आरोप लगाया था और यहां तक कि डायमंड हार्बर क्षेत्र से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा भी कर दी थी।

उन्होंने उस समय पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को एक तरह का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि उन्हें अपने भतीजे और वरिष्ठ नेताओं में से किसी एक को चुनना होगा।

इसके बाद ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि कल्याण बनर्जी उन्हें बचपन से जानते हैं और वह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए उन्हें कुछ कड़े शब्द कहने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाने की जरूरत नहीं है।

बाद में कल्याण बनर्जी ने भी अभिषेक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह उनके विचारों का स्वागत करते हैं और यह अच्छा है कि उन्होंने अपनी गलती को समझा है। उन्होंने दोहराया कि सभी नेताओं को मिलकर भाजपा (BJP) के खिलाफ एकजुट होकर काम करना चाहिए।