'बेटी तो बेटी होती है, तुरंत FIR दर्ज करो' — अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी को लेकर भड़के सीएम योगी

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बड़ी बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि किसी भी बेटी के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “बेटी, बेटी होती है” और उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की अपमानजनक या आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में महिलाओं और बेटियों के सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है और इस पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, यह कार्रवाई तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित की गई।

आजमगढ़ दौरे के दौरान दिए गए बयान में सीएम योगी ने कहा कि वे संस्कारों में विश्वास रखते हैं और उन्हें यह सिखाया गया है कि गांव की बेटी सभी की बेटी होती है और गांव की बहन सभी की बहन मानी जाती है। इसी विचार को आधार बनाते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में बिना देरी किए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों को उपदेश देते हैं, उन्हें पहले अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संयमित भाषा का उपयोग करने की सीख देनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपने “चेले-चपाटों” को यह समझाना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना कितना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी पर टिप्पणी करने से पहले हर व्यक्ति को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि उनके अपने लोग किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। चाहे वह महिलाओं, बुजुर्गों, दिवंगत व्यक्तियों या राजनीतिक विरोधियों के प्रति हो, हर स्थिति में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल आवश्यक है। उन्होंने दोहराया कि यदि अपने स्तर पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, तो सरकार को सूचित किया जाए ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की बड़ी बेटी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आई थी, जिसके बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया था। इसी संदर्भ में शनिवार को आजमगढ़ में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और साथ ही सभी राजनीतिक दलों को सामाजिक मर्यादा बनाए रखने की नसीहत भी दी।