केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुलिस ने किया खुलासा, सिया को मंगेतर की हत्या के लिए चेतन ने उकसाया

पुणे। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपी सिया गोयल को अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या के लिए कथित तौर पर सह-आरोपी चेतन चौधरी ने ही उकसाया था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों से यह संकेत मिला है कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित थी और हत्या की साजिश में दोनों आरोपियों की भूमिकाएं पहले से तय थीं।

इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने केतन अग्रवाल के परिवार की एक महत्वपूर्ण मांग को स्वीकार कर लिया है। सरकार ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि दोनों आरोपियों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि चेतन चौधरी ने ही सिया गोयल को लोहागढ़ किले पर केतन की हत्या करने के लिए कथित रूप से प्रेरित किया था।

सिया के भाई से भी हुई पूछताछ

जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के भाई से भी पूछताछ की है। वहीं, मीडिया में सामने आई उन खबरों पर भी अधिकारियों ने प्रतिक्रिया दी, जिनमें दावा किया गया था कि केतन अग्रवाल के विग पहनने की वजह से सिया उन्हें पसंद नहीं करती थी। पुलिस सूत्रों ने स्वीकार किया कि केतन बालों के लिए एक छोटा विग पैच इस्तेमाल करते थे, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसे हत्या का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे के विग पहनने की जानकारी सगाई से पहले ही सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, अगर सिया को इस बात से कोई आपत्ति थी तो वह शादी से इनकार कर सकती थी। इसके लिए मेरे बेटे की जान लेने की क्या जरूरत थी?
प्रेम संबंध और हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी के बीच प्रेम संबंध थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर केतन को एक ऊंची चट्टान से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई।

जांच से जुड़े पुणे ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पहले से तय योजना के अनुसार सिया ने चेतन को संकेत दिया। इसके बाद चेतन ने कथित रूप से पीछे से केतन को धक्का दिया, जिससे वह गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस घटनाक्रम से जुड़े सभी तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

सिया की मां ने रखा अपना पक्ष

दूसरी ओर, सिया गोयल की मां ने अपनी बेटी के पक्ष में बयान देते हुए दावा किया कि वह 18 जून को लोहागढ़ किले जाने के पक्ष में नहीं थी। उनके अनुसार, केतन अग्रवाल और उनकी मां ने ही सिया को ट्रैकिंग के लिए चलने के लिए मनाया था।

उन्होंने बताया कि 17 जून की शाम सिया और केतन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान केतन ने अगले दिन लोहागढ़ चलने का आग्रह किया। उनकी मां ने भी फोन पर सिया से बात कर उसके साथ आने के लिए कहा था। सिया ने उन्हें बताया था कि अगले दिन परिवार का एक कार्यक्रम निर्धारित है और वह ट्रैकिंग पर जाने के बजाय आराम करना चाहती है। इसके बावजूद उसे साथ चलने के लिए राजी कर लिया गया।

शादी के खर्च को लेकर मीडिया रिपोर्टों का खंडन


सिया गोयल के पिता ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि शादी के लिए उदयपुर के एक महल को बुक किया गया था और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमान की व्यवस्था की गई थी।

उन्होंने कहा कि यह सही है कि शादी उदयपुर में आयोजित होनी थी और होटल में करीब 70 कमरे बुक किए गए थे। प्रत्येक कमरे का किराया लगभग 81 हजार रुपये प्रतिदिन था, लेकिन शादी का कुल बजट तीन करोड़ रुपये से अधिक नहीं था। उन्होंने कहा कि शादी को लेकर फैलाई जा रही कई जानकारियां वास्तविकता से मेल नहीं खातीं।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला


इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पुणे में केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस मामले में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव कानूनी कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि परिवार की मांग पर मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराई जाएगी। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि मुकदमे की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके।

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह घटना समाज में उभर रही एक बेहद चिंताजनक मानसिकता की ओर संकेत करती है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक पहलू भी उतना ही गंभीर है। उनके अनुसार, यह विचार करने की आवश्यकता है कि अच्छे परिवारों और शिक्षित युवाओं के बीच इस प्रकार की हिंसक और प्रतिशोधात्मक सोच क्यों विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऐसा सहयोगी वातावरण तैयार करना होगा, जहां युवाओं के मन में प्रतिशोध, हिंसा और अपराध जैसी मानसिकता पनपने ही न पाए। उन्होंने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक संवाद को भी मजबूत करना समय की आवश्यकता है।