मां की गोद से सड़क पर गिरा 4 महीने का मासूम, करीब 700 मीटर तक चलते रहे माता-पिता; राहगीरों और पुलिस की सतर्कता से बची जान

चंद्रपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। भिसी पुलिस थाना क्षेत्र में चार महीने का एक मासूम अपने माता-पिता की कथित लापरवाही के कारण चलती दोपहिया बाइक से सड़क पर गिर गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बाइक चला रहे दंपति को काफी दूर तक इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि उनका बच्चा पीछे सड़क पर छूट चुका है। समय रहते राहगीरों की नजर बच्चे पर पड़ गई और पुलिस की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

करीब 700 मीटर तक नहीं चला बच्चे के गिरने का पता

यह घटना भिसी बायपास रोड पर स्थित माउली ढाबा के पास हुई। जानकारी के अनुसार, फूलचंद राउत अपनी पत्नी मीरा राउत, चार महीने के बेटे और ढाई वर्ष की बेटी के साथ मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि पति-पत्नी दोनों शराब के नशे में थे। सफर के दौरान मां की गोद में बैठा चार महीने का शिशु अचानक सड़क पर गिर गया, लेकिन कथित रूप से नशे की हालत में होने के कारण दंपति को इसका आभास तक नहीं हुआ और वे बाइक चलाते हुए आगे निकल गए।

बताया जा रहा है कि लगभग 700 मीटर आगे पहुंचने के बाद उनकी मोटरसाइकिल भी असंतुलित होकर फिसल गई। इस हादसे में पति-पत्नी और उनके साथ बैठी ढाई साल की बच्ची भी सड़क पर गिर पड़े। इसके बावजूद उन्हें काफी देर तक यह समझ नहीं आया कि उनका चार महीने का बेटा काफी पीछे सड़क पर गिर चुका है।
राहगीरों की सतर्कता बनी मासूम के लिए जीवनदान

indiatv की खबर के अनुसार, इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे कुछ लोगों की नजर सड़क पर अकेले पड़े मासूम पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत भिसी पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मंगेश भोंगडे, पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र वाघ और उनकी टीम मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने सबसे पहले बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। समय पर चिकित्सा मिलने के कारण बच्चे की जान बच गई। चिकित्सकों के मुताबिक, मासूम को केवल हल्की चोटें आई हैं और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

प्राथमिक जांच में सामने आई लापरवाही

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सड़क की खराब स्थिति के साथ-साथ माता-पिता के कथित रूप से नशे में होने की वजह से उन्हें इस बात का एहसास तक नहीं हुआ कि मां की गोद से उनका चार महीने का बच्चा कब सड़क पर गिर गया। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार वाहन संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और राहगीरों की त्वरित कार्रवाई के कारण एक मासूम की जान बच गई, लेकिन यह घटना इस बात की भी चेतावनी देती है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे वाहन चालक, उसके परिवार और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान भी गंभीर खतरे में पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।