भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को उन्होंने पंजाब के संगरूर में आयोजित राहुल गांधी की इंसाफ रैली को लेकर सवाल उठाए। शाहनवाज ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पंजाब के लोगों के पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने पहुंचे थे। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में सिख समुदाय के साथ हुए कथित अत्याचारों का दर्द आज भी लोगों के मन में है और पीड़ितों को अब तक पूरी तरह इंसाफ नहीं मिला है।
1984 के दंगों का जिक्र कर राहुल गांधी को घेराशाहनवाज हुसैन ने कहा कि 1984 के दंगों की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान छोटे-छोटे बच्चों और अन्य लोगों को बेहद क्रूर तरीके से निशाना बनाया गया था। उनके मुताबिक, इस हिंसा से जुड़े कई मामले अब भी अदालतों में चल रहे हैं और दोषियों को सजा दिलाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जब भी राहुल गांधी या नेहरू-गांधी परिवार का कोई सदस्य पंजाब जाता है, तो वहां के लोगों को उन दर्दनाक घटनाओं की याद आ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सिख समुदाय को कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित अत्याचारों के लिए पूरा इंसाफ कब मिलेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी ने 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की इंसाफ रैली को संबोधित किया था। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हिस्सा लिया था।
‘देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं राहुल गांधी’शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी के उस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने एक साल के भीतर सरकार हटाने की बात कही थी। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार है और प्रधानमंत्री भी जनता के जनादेश से बने हैं। ऐसे में सरकार को एक साल के भीतर हटाने की बात करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। शाहनवाज ने 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को अगले आम चुनाव में भी जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव का इंतजार नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें अपनी जीत का भरोसा नहीं है। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की भाषा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए। उनके मुताबिक, देश में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव है और राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी लगाए आरोपशाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस नेता चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, फिर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ मार्च निकालते हैं और इसके बाद मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना भी उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता ऐसे रवैये को स्वीकार नहीं करेगी। यह पूरा विवाद राहुल गांधी की संगरूर रैली में दिए गए बयानों और उसके बाद बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रियाओं से जुड़ा है। शाहनवाज ने अपने बयान में विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असहमति और आलोचना का अधिकार है, लेकिन इसके लिए संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान जरूरी है।
अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले का किया स्वागतशाहनवाज हुसैन ने केंद्र सरकार की ओर से अग्निवीरों की सेवा अवधि से जुड़े फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल बढ़ाए जाने से युवाओं में खुशी है और इस फैसले से उन्हें सकारात्मक संदेश मिला है। हालांकि, इस फैसले की वास्तविक प्रक्रिया को समझना जरूरी है। केंद्र सरकार ने 4 नवंबर 2026 को अग्निपथ योजना के तहत चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त दो साल की सेवा का विकल्प मंजूर किया है। रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहले की व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान जारी रहेगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इस अतिरिक्त अवधि के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा, लेकिन इसके लिए अग्निवीरों की सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। सरकार ने यह भी बताया है कि अतिरिक्त सेवा अवधि में अग्निवीरों को अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ दिए जाएंगे।
अग्निपथ योजना में बदलाव से युवाओं को मिलेगा अतिरिक्त अवसरकेंद्र सरकार का यह फैसला अग्निपथ योजना के चार साल पूरे होने के बाद पहले बैच के अग्निवीरों के सामने आने वाली स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है। पहले चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित बलों में शामिल करने का प्रावधान था, जबकि शेष को सेवा से बाहर होना पड़ता था। अब अतिरिक्त दो साल की सेवा का विकल्प मिलने से ऐसे अग्निवीरों को सेना में बने रहने और आगे नियमित सेवा के लिए पात्रता हासिल करने का एक और अवसर मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला सशस्त्र बलों की सिफारिशों और पिछले चार साल में अग्निवीरों के प्रदर्शन के आकलन के बाद लिया गया है। इस तरह शाहनवाज हुसैन ने एक ओर राहुल गांधी की संगरूर रैली और उनके राजनीतिक बयानों पर निशाना साधा, वहीं दूसरी ओर अग्निवीरों की सेवा अवधि से जुड़े केंद्र सरकार के फैसले को युवाओं के हित में उठाया गया कदम बताया।